- सभापति पांडे ने कहा अब ऐसा नहीं चलेगा
- पांडे की सलाह पर हुआ काम तो लाभ
- नप का होगा आर्थिक लाभ
- अनेक गाले धारकों ने अवैध तरीकों से बेच दिया
wardha वर्धा, 30 जुलाई 2026
नगर परिषद की गुरुवार को आयोजित आमसभा में निर्माण सभापति राखी पांडे ने नगर परिषद की वित्तीय स्थिति से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे उठाते हुए राजस्व बढ़ाने तथा वर्षों से लंबित विकास कार्यों पर तत्काल निर्णय लेने की मांग की।
राखी पांडे ने कहा कि नगर परिषद द्वारा संचालित सात व्यापारिक संकुलों में लगभग 80 प्रतिशत दुकानों का उपयोग मूल आवंटियों के बजाय अन्य लोग कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मूल आवंटियों ने नियमों का उल्लंघन करते हुए दुकानों का अनधिकृत रूप से दूसरे लोगों को हस्तांतरित या बेच दिया है।
इतना ही नहीं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं दिव्यांग वर्ग के लिए आरक्षित कुछ दुकानों का भी पात्रता न रखने वाले लोग लाभ उठा रहे हैं।उन्होंने बताया कि कई व्यापारिक संकुल 30 से 40 वर्ष पुराने हैं और आज भी उनका किराया पुराने दरों पर ही वसूला जा रहा है। जिन दुकानों का वर्तमान बाजार मूल्य के अनुसार मासिक किराया चार से पांच हजार रुपये होना चाहिए, उनका किराया मात्र 200 रुपये प्रतिमाह है।
इससे नगर परिषद को हर वर्ष लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। उन्होंने इस व्यवस्था की समीक्षा कर किराया पुनर्निर्धारित करने तथा अनियमितताओं पर कार्रवाई की मांग की।आमसभा में उन्होंने वर्ष 2019-20 में नागरिक दलित बस्ती सुधार योजना के तहत प्राप्त 1 करोड़ 40 लाख रुपये की निधि का मुद्दा भी उठाया। यह राशि सुदर्शन एवं वाल्मीकि समाज के समाज भवन निर्माण के लिए स्वीकृत हुई थी, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण समय पर उपयोग नहीं हो सका और निधि निष्प्रयोज्य हो गई।
राखी पांडे ने मांग की कि इस निधि का समुचित उपयोग सुनिश्चित कर सुदर्शन और वाल्मीकि समाज को उनका अधिकार वाला समाज भवन उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से इस संबंध में शीघ्र निर्णय लेने की भी मांग की।
