wardha वर्धा, 29 जुलाई 2026
वाहन खरीदने के लिए जमा कराए गए दस्तावेजों का कथित रूप से दुरुपयोग कर एक युवक के नाम पर दो वाहन फाइनेंस कराने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। फाइनेंस कंपनी से ₹1.35 लाख की बकाया किस्त का कानूनी नोटिस मिलने के बाद पीड़ित को कथित धोखाधड़ी का पता चला। मामले में वर्धा शहर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
शिकायतकर्ता अविनाश देशपांडे ने बताया कि वह पेंटिंग का काम करता है और उसकी पुरानी पहचान महादेवपुरा निवासी पियूष परतेकी से थी, जो गोंडप्लॉट क्षेत्र में वाहन खरीद-बिक्री का व्यवसाय करता है। 20 जून 2024 को वह मोपेड खरीदने के उद्देश्य से पियूष के साथ माउली मोटर्स पहुंचा था। वहां वाहन फाइनेंस की प्रक्रिया के लिए उसने आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक और राशन कार्ड सहित अपने सभी मूल दस्तावेज जमा कराए तथा आवश्यक कागजातों पर हस्ताक्षर भी किए।
इसी बीच उसकी पत्नी की तबीयत अचानक खराब हो गई और उसे सरकारी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इसके चलते उसने वाहन खरीदने का निर्णय रद्द कर दिया और कुछ दिनों बाद दुकान से अपने सभी मूल दस्तावेज वापस ले लिए।
करीब छह माह बाद उसे अहमदाबाद स्थित फाइनेंस कंपनी से वाहन की किस्त जमा करने का नोटिस मिला। पहले उसने इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज कर दिया, लेकिन 6 मई 2026 को वकील के माध्यम से दोबारा कानूनी नोटिस मिलने पर वह अहमदाबाद न्यायालय पहुंचा। वहां उसे जानकारी मिली कि उसके नाम पर एक मोपेड फाइनेंस है और उसकी ₹1.35 लाख की किस्त बकाया है। न्यायालय ने बकाया राशि जमा करने के निर्देश भी दिए।
देशपांडे का आरोप है कि फाइनेंस कंपनी से जानकारी लेने के बाद जब उसने पियूष परतेकी से संपर्क किया तो उसे कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उसका कहना है कि उसके दस्तावेजों का दुरुपयोग कर उसके नाम पर दो वाहन फाइनेंस कराए गए, जिनकी किस्तों का भुगतान अब उससे मांगा जा रहा है।
पीड़ित ने इस मामले में पियूष परतेकी के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस शिकायत के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
