Wardha वर्धा 11 जून
देशभर में गूंज रहे नीट (NEET) पेपरफूटी प्रकरण के विरोध में वर्धा जिले की युवा कांग्रेस की ओर से गुरुवार शाम शहर में भव्य मशाल शो (मशाल मोर्चा) का आयोजन किया गया।
इस मोर्च में युवा कांग्रेस के पदाधिकारी, कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता, छात्र और नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और उनका तत्काल इस्तीफा मांग किया।
महाराष्ट्र प्रदेश युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष तथा नागपुर विभागीय प्रभारी कपिल ढोके ने इस मोर्च का नेतृत्व किया। ठाकरे मार्केट परिसर से शुरू हुआ यह मशाल मोर्चा छत्रपति शिवाजी महाराज चौक तक निकाला गया।
मोर्चे के दौरान वक्ताओं ने नीट पेपरफूटी प्रकरण को देश की शिक्षा प्रणाली पर बड़ा कलंक बताया। लाखों विद्यार्थी सालों तक कड़ी मेहनत कर नीट परीक्षा की तैयारी करते हैं, पर पेपरफूटी ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया है।
विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले इस प्रकरण की गहन और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, ऐसी मांग उस समय उठाई गई।
मोर्चे में शामिल विद्यार्थियों ने भी अपनी भावनाएँ व्यक्त करते हुए परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और सत्यनिष्ठा बनाए रखने की मांग की। “हम दिन-रात पढ़ाई करके परीक्षा देते हैं, पर पेपरफूटी से हमारी मेहनत की कीमत घट जाती है।
सरकार विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करना बंद करे,” कई विद्यार्थियों ने यह प्रतिक्रिया दी।
इस मशाल मोर्चे में युवा कांग्रेस के जिल्हा प्रभारी सागर चव्हाण, सहप्रभारी आयुषी देशमुख, जिलाध्याक्ष सुनीलजी कोल्हे, माजी जिलाध्याक्ष मनोजजी चांदुरकर, शेखरभाऊ शेंडे, महिला जिलाध्याक्ष अरुणा ताई धोटे, युवा कांग्रेस प्रदेश सचिव अफज़ल बेड़ा, प्रदेश सचिव अंकुश मुंजेवार, NSUI अध्यक्ष विश्वभूषण पाटील सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे।
इसके अलावा युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष पद के लिए इंटरव्यू देने वाले राहुल सुरकार, अंकित हिवरे, अमित ददगल, प्रतीक सूर्यवंशी, अमोल उघड़े, प्रीतम हिंवज, शिवराज शिंदे, अंशुल भोसले, हिमांशु ठाकरे, आयुष ढोमणे और अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में शामिल हुए।
युवा कांग्रेस के इस मशाल मोर्चे को कांग्रेस पार्टी के विभिन्न पदाधिकारियों का समर्थन भी मिला। मोर्चे के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बंदोबस्त भी तैनात किया गया था।
