Nagpur नागपुर,9 जून
बिजली उपभोक्ताओं के साथ विश्वास के संबंधों को और मजबूत करते हुए महावितरण ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए नागपुर परिमंडल के 7 लाख 3 हजार 590 निम्नदाब (लो टेंशन) बिजली उपभोक्ताओं को सुरक्षा जमा (सिक्योरिटी डिपॉजिट) पर मिलने वाले ब्याज के रूप में कुल 13 करोड़ 12 लाख 77 हजार 428 रुपये लौटाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस निर्णय का सीधा लाभ लाखों उपभोक्ताओं को मिलेगा। यह ब्याज राशि उनके वर्तमान बिजली बिलों में सीधे समायोजित (एडजस्ट) की जा रही है, जिससे उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत मिलेगी।
इस ब्याज वापसी का लाभ नागपुर परिमंडल के नागपुर और वर्धा जिलों के उपभोक्ताओं को मिलेगा। इसमें नागपुर जिले के 5 लाख 97 हजार 428 उपभोक्ताओं के खातों में 11 करोड़ 68 लाख 20 हजार 484 रुपये, जबकि वर्धा जिले के 1 लाख 3 हजार 642 उपभोक्ताओं के खातों में 1 करोड़ 44 लाख 56 हजार 944 रुपये का ब्याज मई और जून माह के बिजली बिलों में समायोजित किया जा रहा है।
कई उपभोक्ताओं के मन में यह प्रश्न होता है कि सुरक्षा जमा क्या है, इसे क्यों लिया जाता है और क्या इस पर ब्याज मिलता है। महावितरण के पास जमा सुरक्षा राशि वास्तव में उपभोक्ताओं की ही सुरक्षित निधि होती है। इस पर भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा समय-समय पर निर्धारित दरों के अनुसार महावितरण ब्याज प्रदान करता है।
उपभोक्ताओं द्वारा समय पर जमा किए जाने वाले बिजली बिलों की राशि से बिजली खरीद, वितरण नेटवर्क का सुदृढ़ीकरण, तकनीकी रखरखाव तथा प्रशासनिक खर्च पूरे किए जाते हैं। इसलिए निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उपभोक्ताओं का नियमित सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है।
महावितरण हर वर्ष बिजली खपत के आधार पर सुरक्षा जमा की समीक्षा करता है। यदि किसी उपभोक्ता की बिजली खपत बढ़ गई हो और उसकी सुरक्षा जमा राशि दो माह के औसत बिल से कम हो, तो उसे अतिरिक्त सुरक्षा जमा राशि जमा करने का बिल दिया जाता है। यह प्रक्रिया केवल नियमों के पालन के लिए नहीं, बल्कि भविष्य में बिजली आपूर्ति में किसी प्रकार की तकनीकी बाधा न आए, इसे सुनिश्चित करने के लिए भी की जाती है।
जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक अतिरिक्त सुरक्षा जमा राशि का भुगतान नहीं किया है, उनकी बकाया राशि वर्तमान में मिलने वाले ब्याज से समायोजित की जा रही है। हालांकि, उपभोक्ताओं के हित में यह आवश्यक है कि वे पूरी अतिरिक्त सुरक्षा जमा राशि का भुगतान करें।
