मुंबई/नागपुर, 8 जून 2026
इस वर्ष भीषण गर्मी ने विदर्भ क्षेत्र को अभूतपूर्व रूप से प्रभावित किया है। मई माह से ही तापमान लगातार 45 से 47 डिग्री सेल्सियस के आसपास है और देश के सर्वाधिक तापमान वाले शहरों की सूची में विदर्भ के कई शहर शामिल रहे हैं। जून माह शुरू होने के बाद भी तापमान में अपेक्षित कमी नहीं आने से विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसी पृष्ठभूमि में राज्य के स्कूल शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. पंकज भोयर ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से विदर्भ क्षेत्र के स्कूल 15 जून के बजाय 29 जून से शुरू करने की मांग की है।
डॉ. भोयर ने सोमवार को मुख्यमंत्री को एक विस्तृत निवेदन सौंपते हुए विदर्भ की वर्तमान मौसम स्थिति और उसके विद्यार्थियों पर पड़ने वाले प्रभाव की ओर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों की शारीरिक प्रतिरोधक क्षमता अपेक्षाकृत कम होती है, जिसके कारण उन्हें लू, निर्जलीकरण, सिरदर्द, चक्कर आना, थकान तथा अन्य गर्मीजनित बीमारियों का खतरा अधिक रहता है।
उन्होंने यह भी बताया कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की कई शालाओं में ठंडे पेयजल, पर्याप्त छाया तथा गर्मी से बचाव की आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, जिससे विद्यार्थियों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
इस वर्ष नागपुर, चंद्रपुर, अकोला, अमरावती, वर्धा और यवतमाल जिलों में तापमान ने रिकॉर्ड स्तर को छुआ है। जून के पहले सप्ताह में भी गर्मी का प्रभाव कम नहीं हुआ है, जिससे पालकों में चिंता का माहौल बना हुआ है। मौसम में बदलाव और मानसून के आगमन में हो रही देरी के कारण गर्मी का दौर और लंबा खिंच गया है।
डॉ. पंकज भोयर ने कहा कि विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्कूलों के खुलने की तारीख आगे बढ़ाना आवश्यक है। उनकी इस मांग पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है और विदर्भ के स्कूल 29 जून से शुरू करने के संबंध में शीघ्र निर्णय लेने पर सहमति जताई है।
उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ दिनों से शिक्षक संगठनों और पालकों की ओर से भी स्कूल खुलने की तारीख आगे बढ़ाने की मांग की जा रही थी। विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. पंकज भोयर द्वारा अपनाए गए इस संवेदनशील रुख का विभिन्न स्तरों पर स्वागत किया जा रहा है।
