- 70 मतदाता चुनाव करीब आते आते गायब
Wardha वर्धा, 4 जून 2026
विधान परिषद चुनाव के बीच महाविकास आघाड़ी के उम्मीदवार शैलेश अग्रवाल के एक बयान ने जिले की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है.चुनाव में बड़े पैमाने पर धनबल के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए उन्होंने ऐसी टिप्पणियां की हैं, जिनसे उनके चुनाव मैदान में बने रहने को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं.
जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में पत्रकारों से बातचीत में अग्रवाल ने कहा कि आर्थिक दृष्टि से कांग्रेस और महाविकास आघाड़ी सत्ताधारी पक्ष की तुलना में कमजोर हैं.उन्होंने कहा, “गल्ली से लेकर दिल्ली तक उनकी सत्ता है और इस सत्ता के सामने टिकना आसान नहीं है. मतदाता कितने जागरूक और विवेकशील हैं, यह इस चुनाव में पता चलेगा.उसके बाद ही आगे की रणनीति और निर्णय पर विचार किया जाएगा.”
अग्रवाल ने भाजपा पर अप्रत्यक्ष निशाना साधते हुए दावा किया कि नामांकन पत्र दाखिल करते समय 341 मतदाता उनके साथ थे, लेकिन अगले ही दिन 60 से 70 मतदाता संपर्क से बाहर हो गए.उन्होंने सवाल उठाया कि यदि चुनाव इसी तरह के माहौल में लड़ा जाना है, तो फिर लोकतांत्रिक प्रक्रिया का क्या अर्थ रह जाता है.
उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाताओं को दो-दो से पांच लाख रुपए तक का लालच दिया जा रहा है. “यदि हमारे समर्थकों को पैसों के दम पर तोड़ा जा रहा है, तो हमारे सामने दो ही विकल्प बचते हैं. या तो अपनी जमीन बेचकर उनसे ज्यादा पैसा बांटें या चुनाव से हट जाएं.लेकिन हम धनबल की राजनीति नहीं करेंगे।”
अग्रवाल ने मतदाताओं से भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि एक ओर धनबल के सहारे चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार हैं, जबकि दूसरी ओर एक सामान्य कार्यकर्ता है, जो बिना किसी लालच के जनता की सेवा करना चाहता है.उन्होंने भरोसा जताया कि यदि मतदाता लोकतांत्रिक मूल्यों को महत्व देंगे तो परिणाम अलग हो सकते हैं।
अग्रवाल ने कहा कि वह इस पूरे मुद्दे पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार और सांसद प्रतिभा धानोरकर से चर्चा करेंगे तथा आगे की रणनीति तय करेंगे. फिलहाल उनके बयान के बाद यह सवाल राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना है कि क्या वह वास्तव में चुनाव मैदान से हटने पर विचार कर रहे हैं या फिर अंत तक मुकाबला जारी रखेंगे.उनकी अगली राजनीतिक भूमिका पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं.
