तिरले कुनबी को बताया प्रगति का काैनसा रास्ता

wardha हिंगणघाट : हिंगणघाट एवं समुद्रपुर तहसील के तिरले कुणबी समाज का सम्मेलन आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में पूर्व विधायक डॉ. वसंतराव बोंडे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे, जबकि वर्धा लोकसभा क्षेत्र के सांसद अमर शरदराव काले ने अध्यक्षता की।

अपने अध्यक्षीय भाषण में सांसद काले ने कहा कि यदि समाज को प्रगति करनी है और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में टिके रहना है, तो शिक्षा के अलावा कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा कि “शिक्षा शेरनी का दूध है, जो इसे पिएगा वही दहाड़ेगा।” यह विचार डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर, पंजाबराव देशमुख, कर्मवीर भाऊराव पाटील और ज्योतिबा फुले जैसे महान व्यक्तित्वों ने भी दिया है।

उन्होंने कहा कि समाज की उन्नति केवल शिक्षा से ही संभव है। पंजाबराव देशमुख ने बहुजन समाज के बच्चों को शिक्षित करने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित किया। वहीं कर्मवीर भाऊराव पाटील ने स्वयं अधिक शिक्षित न होते हुए भी शिक्षा का महत्व समझा और ‘रयत’ जैसी विशाल शिक्षण संस्था की स्थापना की। उन्होंने वड के पेड़ के नीचे बच्चों को पढ़ाकर शिक्षा का प्रसार किया।

सांसद काले ने वर्तमान स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि आज खेती की हालत खराब है, बेरोजगारी बढ़ रही है और किसान के बेटे को विवाह के लिए भी प्राथमिकता नहीं दी जाती। उन्होंने कहा कि जब तक किसान परिवारों को सामाजिक सम्मान नहीं मिलेगा, तब तक वास्तविक विकास संभव नहीं है।

उन्होंने हिंगणघाट क्षेत्र के मतदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में लोगों ने उन्हें महत्वपूर्ण समर्थन दिया।

इस कार्यक्रम में डॉ. वसंतराव बोंडे, सुधीरजी पांगुळ, किरण ठाकरे, सौरभ पांडे, शालीकराव डेहणे, रमेशराव भोयर, सुनील राऊत सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे।

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