Wardha वर्धा, 9 मई
हिंगणघाट में 3 युवक युवती के पास से मिली ड्रग मामले की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। ड्रग के कारोबार का बूटीबोरी से राजस्थान कनेक्शन सामने आया है। इस मामले में दो आरोपी और भी पकड़े गए है।।
हिंगणघाट पुलिस स्टेशन में दर्ज ए.क्र. 715/2026 के तहत एनडीपीएस कानून की जांच के दौरान पुलिस ने एक बड़ा नशा तस्कर नेटवर्क खोद निकाला। पुलिस की कड़ी कार्रवाई में करीब 9 लाख 30 हजार 300 रुपये के कीमती एमडी नशीला पदार्थ (मेफेड्रोन) जब्त किया गया, जबकि बुट्टीबोरी से राजस्थान कनेक्शन वाले दो आरोपियों को हिरासत में लिया गया।
PIR की जांच से खुला राज
मूल आधार पीसीआर (पब्लिक इंफॉर्मेशन रिपोर्ट) से गिरफ्तार आरोपी यश सचिन श्रावणे (21, हिंगणघाट) के पास से जब्त एमडी ड्रग्स की सप्लाई का पता चला। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि यह पदार्थ बुट्टीबोरी निवासी एक बिश्नोई नाम के व्यक्ति से खरीदा गया था। इस जानकारी के आधार पर एक टारगेटेड ऑपरेशन की रूपरेखा तैयार की गई
दिनांक 07 मई 2026 को पुलिस ने बुट्टीबोरी में छापा मारा और कैलाश बिराराम बिश्नोई (28) व सुमादेवी ओमप्रकाश बिश्नोई (30) को तुरंत हिरासत में लिया गया। आरोपियों के घर पर दो पंचों (साक्षियों) की उपस्थिति में एनडीपीएस कानून के तहत तलाशी ली गई।
इस दौरान एक प्लास्टिक पॉलीथीन में 265.8 ग्राम मेफेड्रोन (एमडी) पाउडर जब्त किया गया, जिसकी कीमत करीब 9.30 लाख रुपये आंकी गई है।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सौरभ कुमार अग्रवाल, सहायक पुलिस अधीक्षक सदाशिव वाघमारे, उपविभागीय पुलिस अधिकारी सुशीलकुमार नायक और पुलिस निरीक्षक अनिल राउत के मार्गदर्शन में डीबी टीम द्वारा अंजाम दी गई। आगे की जांच पुलिस निरीक्षक अनिल राउत कर रहे हैं, जिसके तहत राजस्थान कनेक्शन और नेटवर्क की और गहन पड़ताल की जाएगी।
इस कार्रवाई से नशे के अवैध कारोबार पर पुलिस की कड़ी मुहिम का संदेश दिया गया है, और यह स्पष्ट किया गया है कि एनडीपीएस कानून के तहत नशा तस्करों के खिलाफ निरंतर ऑपरेशन जारी रहेंगे।
