- सिलेंडर की कालाबाजारी रोकने प्रशासन तैयार
- कार्रवाई की पूरी तैयारी शुरु की गई
wardha वर्धा, 11 मार्च
मध्य-पूर्व में चल रहे ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर अब भारत के आम नागरिकों की रसोई तक पहुंचने लगा है। पिछले 11 दिनों से जारी इस अंतरराष्ट्रीय संघर्ष के कारण खाड़ी देशों से भारत को मिलने वाले कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। इसका सीधा असर एलपीजी सिलेंडर की उपलब्धता पर पड़ने लगा है और राज्य में घरेलू तथा व्यावसायिक गैस की कमी की चर्चा तेज हो गई है।
गैस संकट की आशंका के बीच सबसे अधिक असर विद्यार्थियों की मेस और भोजनालय पर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। स्थिति को गंभीरता से लेते हुए राज्य के खाद्य व नागरिक आपूर्ति विभाग ने जिला प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। एलपीजी गैस की कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए गैस एजेंसियों की जांच और निगरानी बढ़ाने के आदेश जारी किए गए हैं।
जिलाधिकारी वान्मथी सी. ने बताया कि जिले में प्रत्येक तहसील में एक और जिला स्तर पर एक समिति गठित कर निगरानी शुरू कर दी गई है। यदि किसी के पास एक से अधिक गैस सिलेंडर पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। जल्द ही गैस एजेंसियों की बैठक भी बुलाई गई है।
इधर एमआईडीसी उद्योजक संघ के अध्यक्ष प्रवीण हिवरे ने जमाखोरी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है,
जबकि होटल व्यवसायी संघ के प्रदीप बजाज ने बताया कि व्यावसायिक गैस की आपूर्ति प्रभावित होने से कई होटल और रेस्टोरेंट अस्थायी रूप से बंद रखने का निर्णय लिया गया है। इससे आने वाले दिनों में हालात और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है।
