Wardha आर्वी, 10 मार्च
फाल्गुन कृष्ण पंचमी के अवसर पर आर्वी के श्री यंत्र मंदिर-श्री रेणुका देवी मंदिर में होली पंचमी उत्सव अत्यंत भक्तिमय, मंगलमय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में विशाल भक्तिभाव से संपन्न हुआ। जगदंबा श्री रेणुका माता की साक्षी में आयोजित इस पावन सोहळे में बड़ी संख्या में भक्तों ने उपस्थित होकर भक्तिरस का आनंद लिया।
प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी “फूलों की होली” अत्यंत सुंदर एवं पारंपरिक ढंग से मनाई गई। मंदिर परिसर तथा गर्भगृह को महिला भक्तों ने विविध रंगों के सुगंधित फूलों से आकर्षक रूप से सजाया था। उन मनोहर फूलों की सुगंध से सम्पूर्ण मंदिर परिसर दिव्य, पवित्र और भक्तिरस से ओतप्रोत हो गया था।कार्यक्रम की शुरुआत दीपप्रज्वलन से हुई। उसके बाद जगदंबा श्री रेणुका माता की भव्य महाआरती विशाल भक्तिभाव से संपन्न हुई।
आरती के मंगलमय स्वरों और “जय जगदंबा, जय रेणुका माता” के जयकारों से सम्पूर्ण वातावरण और भी आध्यात्मिक एवं पवित्र हो गया।महाआरती के बाद सभी भक्तों ने अत्यंत श्रद्धा एवं भक्तिभाव से फूलों की उधारी कर माता के चरणों में प्रेम, श्रद्धा और कृतज्ञता अर्पित की। उस पवित्र क्षण में मंदिर परिसर भक्ति भाव, आनंद और आध्यात्मिक ऊर्जा से भाराव गया था।इसके बाद उपस्थित भक्तों के लिए गरबा तथा विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया था।
भक्तों ने उत्साहपूर्वक इनका आनंद लिया। कार्यक्रम के बाद सभी के लिए अल्पाहार की व्यवस्था भी की गई थी।मंदिर के जीर्णोद्धार के बाद पिछले वर्ष से होली पंचमी और दिवाली पंचमी के उत्सव विशेष उत्साह से मनाए जा रहे हैं- ऐसी जानकारी आयोजक प्रा. प्रशांत सव्वालाखे ने दी।
कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए प्रशांत सव्वालाखे, पुंडलिक अवथले, प्रकाश देऊळकर, सुधीर भांडे, वैभव देऊळकर, सूरज देऊळकर, वैभव सव्वालाखे, पंडित भोंगाडे, नंदू इरावार, सौ. नेहारे, सौ. शुभदा सव्वालाखे, सौ. प्रियंका सव्वालाखे, सौ. पुष्पा देऊळकर, सौ. वैशाली भांडे, सौ. राधिका भारती, सौ. कोंडलकर, सौ. डंभारे आदि असंख्य भक्तों ने विशेष परिश्रम किया।इस पावन अवसर पर उपस्थित सभी भक्तों ने जगदंबा श्री रेणुका माता के चरणों में प्रार्थना करते हुए सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और मंगलमयता का आगमन हो- ऐसी भावना व्यक्त की।
