- नागपुर में सौर कृषि वाहिनी योजना
- Nagpur नागपुर, 10 अगस्त 2026
- मुख्यमंत्री सौर कृषि वाहिनी योजना 2.0 के तहत नागपुर जिले में किसानों को दिन के समय सिंचाई के लिए भरोसेमंद बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। जिले के नरखेड़ तहसील के सावारगांव स्थित 33/11 केवी उपकेंद्र में 8 मेगावाट क्षमता का सौर ऊर्जा प्रकल्प हाल ही में शुरू किया गया है। इससे किसानों को रात में सिंचाई के लिए खेतों में जाने की परेशानी से राहत मिली है।
सावारगांव परियोजना से पहले कचारी सावंगा में 4 मेगावाट और तोंडाखैरी में 3 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा प्रकल्प शुरू किए जा चुके हैं। इन तीनों परियोजनाओं से नागपुर जिले में कुल 15 मेगावाट सौर बिजली उत्पादन क्षमता स्थापित हो गई है। इससे लगभग 5,134 किसानों को दिन में कृषि सिंचाई के लिए बिजली उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
पहले किसानों को अक्सर रात के समय सिंचाई करनी पड़ती थी। अंधेरे में खेतों में जाने के दौरान सांप-बिच्छुओं और जंगली जानवरों का खतरा बना रहता था। दिन में बिजली मिलने से किसानों की सुरक्षा बढ़ी है और वे सुविधाजनक तरीके से फसलों की सिंचाई के साथ खाद एवं पानी का बेहतर नियोजन कर पा रहे हैं।
स्थानीय स्तर पर सौर ऊर्जा उत्पादन बढ़ने से पारंपरिक बिजली ग्रिड पर दबाव और पारेषण-वितरण के दौरान होने वाले तकनीकी नुकसान में कमी आने की उम्मीद है। साथ ही, हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिलने से ग्रामीण क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर राज्य सरकार ने मार्च 2027 के अंत तक कृषि सिंचाई के लिए आवश्यक 100 प्रतिशत बिजली सौर ऊर्जा से उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। ऊर्जा विभाग की अपर मुख्य सचिव आभा शुक्ला तथा महावितरण के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक लोकेश चंद्र के मार्गदर्शन में इस दिशा में कार्य जारी है। नागपुर परिमंडल के मुख्य अभियंता राजेश नाईक सहित संबंधित अधिकारियों के नेतृत्व में जिले में अन्य सौर ऊर्जा परियोजनाओं का काम भी तेजी से चल रहा है।
