प्रत्येक जिले में बनेगा बचत गुटों का ‘मॉल’

wardha वर्धा, 11अगस्त 2026
ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने तथा उनके उत्पादों के लिए स्थायी बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रत्येक जिले के मुख्यालय में ‘उमेद मॉल’ स्थापित किए जाएंगे। इसके माध्यम से महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार वस्तुओं और उत्पादों की बिक्री के लिए सालभर बाजार उपलब्ध रहेगा, यह जानकारी ग्राम विकास एवं पंचायतराज मंत्री जयकुमार गोरे ने दी।

जिलाधिकारी कार्यालय में महिला स्वयं सहायता समूहों के ‘सपनों को उड़ान’ एवं कृतज्ञता समारोह का आयोजन किया गया था। इस अवसर पर वे संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर, विधायक समीर कुणावार, जिलाधिकारी वान्मथी सी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी पराग सोमण, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी सूरज गोहाड़, अपर पुलिस अधीक्षक सदाशिव वाघमारे तथा जिला ग्रामीण विकास यंत्रणा की परियोजना निदेशक वैशाली रसाळ उपस्थित थीं।

कार्यक्रम की शुरुआत में वर्धा में ‘उमेद मॉल’ मंजूर किए जाने पर उमेद की ओर से ग्राम विकास एवं पंचायतराज मंत्री जयकुमार गोरे तथा पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर का सत्कार किया गया।

मंत्री गोरे ने कहा कि देश की कुल आबादी में महिलाओं की हिस्सेदारी लगभग आधी है। महिलाओं को सक्षम किए बिना विकसित भारत का सपना साकार नहीं हो सकता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए विभिन्न योजनाएं और उपक्रम चलाए जा रहे हैं। ‘उमेद’ के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का काम किया जा रहा है।

स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से लाखों महिलाएं अपने पैरों पर खड़ी हुई हैं और उन्होंने अपना स्वतंत्र आर्थिक संसार बनाया है।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए गए घरों पर सोलर पैनल लगाने का बड़ा काम स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को देने का प्रस्ताव है। राज्य में करीब 30 लाख सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य है और इस कार्य में स्वयं सहायता समूहों को शामिल किया जाएगा।

महिलाओं की मांग के अनुसार उन्हें काम उपलब्ध कराने की गारंटी मंत्री गोरे ने दी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में ग्रामीण महिलाओं को अधिक सक्षम बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि आवास योजना के लिए मिलने वाले अतिरिक्त अनुदान से सौर ऊर्जा के लिए निधि उपलब्ध कराने के संबंध में भी निर्णय लिया गया है।

आगे बोलते हुए मंत्री गोरे ने कहा कि देश में ‘लखपति दीदी’ बनाने के लक्ष्य में महाराष्ट्र की बड़ी भूमिका है। राज्य में 50 लाख महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए स्वयं सहायता समूहों की संख्या बढ़ाकर अधिक से अधिक महिलाओं को ‘उमेद’ से जोड़ा जाना चाहिए।

उन्होंने बताया कि अब तक महिला स्वयं सहायता समूहों को करीब 50 हजार करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया जा चुका है और महिलाओं ने इन ऋणों की ईमानदारी से अदायगी की है।

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