wardha वर्धा, 19 जुलाई 2026
वर्धा शहर पुलिस की सतर्कता से एक संभावित चोरी की वारदात टल गई। नियमित रात्रि गश्त के दौरान पुलिस ने एक शातिर अपराधी को संदिग्ध अवस्था में गिरफ्तार किया, जो वर्धा में चोरी करने की नीयत से आया था। जांच में सामने आया कि आरोपी यवतमाल और चंद्रपुर जिलों में दर्ज चोरी और घरफोड़ के मामलों में फरार चल रहा था।
पुलिस अधीक्षक सौरभ कुमार अग्रवाल के मार्गदर्शन में जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा संपत्ति संबंधी अपराधों की रोकथाम के लिए लगातार रात्रि गश्त और वाहन पेट्रोलिंग की जा रही है। इसी अभियान के तहत 18 और 19 जुलाई 2026 की दरमियानी रात पुलिस थाना वर्धा (शहर) की टीम बोरगांव क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान एक युवक संदिग्ध परिस्थितियों में अपनी पहचान छिपाकर घूमता मिला। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम सोन उर्फ चड्डा भुताजी दहिवड़े (24), निवासी दुर्गापुर, जिला चंद्रपुर बताया। उसे वर्धा शहर थाने लाकर पुलिस उपनिरीक्षक गीतांजली गारगोटे और डी.बी. पथक ने गहन पूछताछ की। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी वणी (जिला यवतमाल) के घरफोड़ और राजुरा (जिला चंद्रपुर) के चोरी के मामले में फरार है।
इसकी जानकारी मिलते ही वर्धा पुलिस ने राजुरा पुलिस से संपर्क किया। राजुरा पुलिस की टीम वर्धा पहुंचने पर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर आरोपी को उनके हवाले कर दिया गया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह वर्धा शहर में चोरी की वारदात को अंजाम देने के उद्देश्य से आया था, लेकिन पुलिस की मुस्तैद रात्रि गश्त के कारण उसकी योजना सफल होने से पहले ही वह पुलिस के शिकंजे में आ गया।
हालांकि आरोपी ने दावा किया है कि उसने वर्धा शहर थाना क्षेत्र में पहले कोई अपराध नहीं किया, लेकिन पुलिस इस दावे की भी जांच कर रही है और राजुरा पुलिस के साथ समन्वय बनाकर उसके आपराधिक रिकॉर्ड की पड़ताल जारी है।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सौरभ कुमार अग्रवाल, अपर पुलिस अधीक्षक सदाशिव वाघमारे तथा उपविभागीय पुलिस अधिकारी सुनील महाडीक के मार्गदर्शन में पुलिस उपनिरीक्षक गीतांजली गारगोटे, शशिकांत मुंडे, पुलिस आरक्षक योगेश ब्राह्मण, महेंद्र पाटील और डी.बी. पथक ने संयुक्त रूप से की।
