बालिका दर्द जानकर भावुक हुए सांसद काले

Wardha वर्धा 28 मई
हिंगणघाट के राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 44 पर सगुणा फैक्ट्री के पास शुक्रवार को हुए भयानक दुर्घटना में समुद्रपुर तालुके के कुर्ला गाँव के गजानन वानखेडे, पल्लवी वानखेडे और छह वर्षीय बेटी आरोही वानखेडे की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना में गजानन वानखेडे का पूरा परिवार एक लड़की को छोड़कर मृत्यु की आग में धकेल दिया गया, जिससे पूरे हिंगणघाट तालुके में शोक की लहर फैली हुई थी।

एक छह साल की लड़की जिसका भाग्य भी कुछ ज़्यादा ही मजबूत था या यूँ कहें कि किस्मत ने उसका साथ दिया — उस बच्ची की बात अलग थी; पर समय अभी नहीं आया था। वह बच्ची घर पर ही थी जबकि जो बच्ची हादसे का शिकार हुई वह माँ-बाप के साथ थी। इस भयंकर दुर्घटना की जानकारी सांसद अमर काळे को भी दुर्घटना वाले दिन दे दी गई थी। लेकिन सांसद अमर काळे किसी महत्वपूर्ण काम से बाहर गए हुए थे, इसलिए दुर्घटनावाली उसी दिन वे उस परिवार के घर जाकर नहीं मिल सके।

27.5.2026 को सांसद अमर काळे स्व. गजाननराव वानखेडे के घर जाकर परिजनों से मिले। गजानन वानखेडे के परिवार में आर्या नाम की एक छह साल की लड़की थी जो माता-पिता के साथ नहीं गई थी इसलिए वह जांगोना में अपने दादाजी के पास सुरक्षित है। स्व. गजाननराव वानखेडे की सासरवाड़ी जांगोना में श्री राजू काकडे के यहाँ है और सुरक्षित बच्ची आर्या इस समय अपने दादाजी के साथ जांगोना में रह रही है।


सांसद अमर काळे ने इस पूरी दुर्घटना की विस्तृत जानकारी लेकर जांगोना में श्री राजू काकडे के यहाँ जाकर मुलाकात की। सांसद अमर काळे ने राजू काकडे के परिवार को सांत्वना दी। वे सहज भाव में आर्या को मिलने के लिए बाहर बुलाया; जब वह बच्ची सांसद अमर काळे के सामने आई और खड़ी हुई, तो उस मासूम और दुनिया की सभी घटनाओं से अनजान, जिसने अपनी माँ के गर्भ से जन्मी जुड़वाँ बहन आरोही की मौत का शोक समझना अभी नहीं सीखा था—उस छह वर्षीय आर्या को देख सांसद अमर काळे का हृदय भी द्रवित हो उठा। उन्हें भी क्षण भर समझ नहीं आया कि उस बच्ची को सांत्वना कैसे दें। अंत में उन्होंने उसे गले लगाया, उसके सिर पर प्यार से हाथ फेरकर केवल मौन सांत्वना दी।


सांसद अमर काळे ने तुरंत वहीं से एसडीओ हिंगणघाट, बीडीओ समुद्रपुर, शिक्षा अधिकारी समुद्रपुर तथा कृषि अधिकारी हिंगणघाट को फोन करके निर्देश दिए कि इस परिवार को नियम के अनुसार जो भी सरकारी सहायता मिलनी चाहिए वह तुरंत दी जाए। इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री सहायता निधि से मद्दत मिलने के संबंध में प्रस्ताव जिलाधिकारी के पास प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए।

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