खटिया पहुंची बिजली के पोल…

  • घरों की टिनें उड़ीं, पेड़ गिरे,
    ट्रांसफार्मर झुका;
    कुक्कुटपालन की 300 मुर्गिया मरी

wardha वर्धा, 28 मई
नवतपा की तपती गर्मी के बीच गुरुवार को मौसम ने अचानक ऐसा रौद्र रूप धारण किया कि जिले के कई हिस्सों में अफरा-तफरी मच गई। तेज आंधी और बारिश ने खासकर सेलू तहसील में भारी तबाही मचाई। कुछ ही मिनटों के तूफान ने घरों की छतें उड़ा दीं, पेड़ धराशायी कर दिए और बिजली व्यवस्था चरमरा गई।

घोराड के सोनिया नगर और सेलू शहर के कोथीवाड़ा इलाके में कई घरों की टिनपत्रें तेज हवा में उड़ गईं। कई जगह पेड़ और भारी शाखाएं गिरने से लोगों में दहशत फैल गई। घोराड में बिजली गिरने से किसान देवराव राऊत का बैल मौके पर ही मर गया, जिससे खेती के मौसम में उन पर बड़ा संकट आ पड़ा है।

तेज हवा की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि घोराड और वडगांव क्षेत्र में घर के सामने रखा लोहे का पलंग हवा में उड़कर सीधे बिजली के खंभे पर जा अटका। लोगों के लिए घरों से बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया था।

तूफान से केले की फसलें भी प्रभावित हुईं। वहीं घोराड निवासी उमेश वरटकर के कुक्कुटपालन केंद्र का शेड ढह जाने से करीब 300 मुर्गियों की मौत हो गई।

सेलू पुलिस स्टेशन के सामने बिजली की डिपी पर पेड़ गिरने से ट्रांसफार्मर टेढ़ा हो गया, जिससे शहर की बिजली व्यवस्था बाधित हो गई। बाजार क्षेत्र और ग्रामीण अस्पताल के प्रवेशद्वार पर भी बड़े पेड़ गिरने से भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। विकास चौक क्षेत्र में सड़क किनारे स्थित एक दुकान पूरी तरह जमींदोज हो गई।

पहली ही बारिश में नगर पंचायत प्रशासन की तैयारियों की भी पोल खुल गई। शहर की कई नालियां जाम हो गईं, जिससे गंदा पानी सड़कों पर बहने लगा और नागरिकों में नाराजगी बढ़ गई। प्रशासन ने नुकसानग्रस्त क्षेत्रों का पंचनामा शुरू कर दिया है तथा लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!