- अवेज की मेहनत रंग लाई
- आष्टी तहसील में खुशी की लहर
Wardha वर्धा 19 जनवरी
आष्टी तहसील के घने जंगल क्षेत्र में स्थित पिलापुर (येणाडा) गांव के ऑटो चालक पीर मोहम्मद के छोटे बेटे शेख अवेज पीर मोहम्मद ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) की परीक्षा में सफलता प्राप्त की है। हाल ही में घोषित परिणाम में उनका नाम मेरिट सूची में शामिल हुआ है। इसके साथ ही वे पिलापुर (येणाडा) गांव से सीमा सुरक्षा बल में चयनित होने वाले पहले युवक बन गए हैं।
यह खबर गांव में फैलते ही नागरिकों में खुशी की लहर दौड़ गई। गांववासियों ने इस उपलब्धि को पूरे गांव के लिए गर्व का क्षण बताया। विस्तृत जानकारी के अनुसार, शेख पीर मोहम्मद भूमिहीन हैं और ऑटो चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। पिलापुर और येणाडा दोनों गांव आपस में जुड़े हुए हैं, जहां आदिवासी, गोवारी, कुनबी, बौद्ध सहित विभिन्न समाजों के लोग निवास करते हैं।
गांव में एकमात्र मुस्लिम परिवार होने के बावजूद पीर मोहम्मद ने सभी समुदायों के साथ सौहार्दपूर्ण और मैत्रीपूर्ण संबंध बनाए रखे हैं। शेख अवेज बचपन से ही मेहनती और होनहार छात्र रहे हैं। उन्होंने दसवीं तक की शिक्षा आष्टी शहर में पूरी की। इसके बाद उन्होंने नरखेड में कॉलेज की पढ़ाई की और आगे चलकर अमरावती शहर में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की।
कई परीक्षाओं में प्रयास करने के बाद अंततः 15 जनवरी 2026 को घोषित परिणाम में उन्हें सफलता मिली। इस खुशी की सूचना मिलते ही पिता पीर मोहम्मद ने कहा कि यह उनके बेटे की कड़ी मेहनत का फल है। ऑटो चलाकर परिवार का पालन करने वाले पिता का बेटा अब देश की सीमा सुरक्षा में योगदान देगा, जिससे माता-पिता को अत्यंत गर्व महसूस हो रहा है।
गांव में शेख अवेज के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए। इस अवसर पर आष्टी व्यापारी संघ के अध्यक्ष, आष्टी तहसील राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष सोनू भार्गव, अन्याय निवारण समिति के तहसील अध्यक्ष प्रो. बी. टी. उरकुडे, हुतात्मा संस्था के सेवानिवृत्त प्राचार्य सैयद अफसर अली, पेठ अहमदपुर के पूर्व सरपंच शेख यूसुफ, पत्रकार संरक्षण समिति के तहसील अध्यक्ष शिवाजी चंदीवाले सहित पिलापुर की पूर्व सरपंच श्रीमती वर्षा महादेव सायरे, लीलाबाई नेहारे, रुपाली सायरे, सदाशिव सायरे, महादेव सायरे आदि मान्यवरों ने पुष्पगुच्छ देकर उनका अभिनंदन किया।
शेख अवेज की यह सफलता ग्रामीण और वनवासी क्षेत्रों के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है।
