अभय बेदमोहता
wardha सेलु 18 जनवरी
“विट्ठल नामाची भरली शाला” इन पंक्तियों को आज स्थानीय श्री संत केजाजी प्री-प्राइमरी कॉन्वेंट, घोराड के नन्हे-मुन्ने छात्रों ने अपनी भक्ति से जीवंत कर दिया। अवसर था श्री संत केजाजी महाराज के 119वें पुण्यतिथि महोत्सव का। जिसके उपलक्ष्य में स्कूल में एक भव्य ‘वेशभूषा प्रतियोगिता’ का आयोजन किया गया।
भक्ति के रंग में रंगे बच्चेपुण्यतिथि महोत्सव के चलते पूरे सेलू-घोराड क्षेत्र में भक्ति की लहर है। गांव के बुजुर्गों और युवाओं के साथ-साथ स्कूली बच्चों ने भी इसमें उत्साहपूर्वक अपनी सहभागिता दर्ज कराई। स्कूल परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चे विभिन्न संतों और पौराणिक पात्रों के रूप में नजर आए। नन्हे छात्रों ने श्री संत केजाजी महाराज, संत नामदेव महाराज, विट्ठल-रुक्मिणी और राम-सीता की मनमोहक वेशभूषा धारण की हुई थी।
त्रपारंपरिक वारकरी वेशभूषा में सजे बच्चों को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो साक्षात पंढरपुर की ‘वारी’ स्कूल परिसर में उतर आई हो। कार्यक्रम की शुरुआत स्कूल परिसर की आकर्षक सजावट और श्री संत केजाजी महाराज के चित्र के विधिवत पूजन के साथ हुई। भक्तिमय गीतों और जयघोष से पूरा वातावरण आध्यात्मिक हो गया था।इस अवसर पर स्कूल के संस्था संचालक एवं प्रधानाध्यापक प्रशांत झाडे, सुवर्णा पिसे और करिश्मा तेलरांधे प्रमुखता से उपस्थित थे। उन्होंने बच्चों के उत्साह की सराहना की और उन्हें संत परंपरा के महत्व से अवगत कराया।
“बच्चों के माध्यम से हमारी संस्कृति और संतों के विचारों को संजोने का यह एक छोटा सा प्रयास है।” ऐसा संस्थाचालक प्रशांत झाडे ने अपने मनोगत व्यक्त करते हुए कहा।
