Wardha वर्धा 3 फरवरी :
एक तरफ मेहनत की कमाई, दूसरी तरफ आग का क्रूर तांडव। खरंगाना पुलिस स्टेशन अंतर्गत माजरा गांव के किसान सचिन पांडुरंग डुडुरकर के तीन एकड़ खेत में सोमवार दोपहर 3 बजे अचानक भड़की, आग ने उनकी तुवर फसल को राख कर दिया। 20 क्विंटल फसल जलकर भस्म हो गई, जो परिवार का एकमात्र सहारा थी।
आग की भयावहता
सचिन के बेटे ने जैसे ही धुआं देखा, दौड़ पड़े। जलती आग के बीच हाथों से तुवर को बचाने की कोशिश की, लेकिन लपटें इतनी तेज थीं कि मात्र 5 क्विंटल ही बच सका। बाकी सब कुछ खाक। पिता पांडुरंग ने पहले ही डेढ़ लाख का कर्ज लिया था खेती के लिए। अब आर्थिक संकट ने पूरे परिवार को घेर लिया। सचिन टूट चुके हैं—आंसुओं से भरी आंखों से पूछते हैं, “अब अगली फसल के लिए पैसा कहां से लाऊंगा?”
पुलिस कार्रवाई शुरू
परिवार आज खरंगाना पुलिस स्टेशन पहुंचा। अज्ञात आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने बताया कि घटनास्थल जाकर पंचनामा किया जाएगा। जांच में आग के कारणों का पता लगेगा—क्या यह लापरवाही थी या साजिश? किसान की मांग है: प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मुआवजा मिले, ताकि कर्ज का बोझ कम हो।
परिवार का दर्द
यह घटना महाराष्ट्र के किसानों की बदहाली की पोल खोलती है। वर्धा क्षेत्र में तुवर के अच्छे दाम होने के बावजूद, एक पल की आग ने सब छीन लिया। सचिन की व्यथा हर किसान की कहानी बन गई—मेहनत राख, सपने चूर। प्रशासन को तत्काल मदद करनी होगी।
