पालतू कुत्ते का रजिस्ट्रेशन नहीं कराया तो पड़ोसी दे सकते है शिकायत

पालतू कुत्ते या बिल्ली का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य
Wardha वर्धा 16 जनवरी
कुत्ते का पंजीकरण न होने पर पड़ोसी शिकायत कर सकते हैं।देशभर में आवारा पशुओं की बढ़ती संख्या का संज्ञान लेते हुए तथा आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और होने वाली अन्य परेशानियों की सर्वोच्च न्यायालय ने सूचना ली है। इस पर सर्वोच्च न्यायालय ने आवारा कुत्तों के जन्म नियंत्रण तथा पंजीकरण के संबंध में राज्यों के मुख्य सचिवों को निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों का पालन करते हुए राज्य के सभी जिलों में आवारा कुत्तों के जन्म नियंत्रण अभियान चलाया जा रहा है।

आवारा कुत्तों को पकड़ना, जन्म नियंत्रण करना तथा एंटी रेबीज टीकाकरण करना मुख्य उद्देश्य है।जिल्हा स्तरीय जिला पशु क्रूरता निवारण समिति (डिस्ट्रिक्ट एसपीसीए) जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में गठित की गई है। इस समिति के सदस्य सचिव पशुपालन के उपायुक्त हैं। उपायुक्त के निर्देशानुसार वर्धा जिले के सभी नगर परिषद, नगर पंचायत, ग्राम पंचायतों को सूचित किया गया है।

पालतू कुत्तों का पंजीकरण अनिवार्य किया गया है, क्योंकि अक्सर पालतू कुत्ते काट लेने या कोई दुर्घटना होने पर जिम्मेदारी नहीं ली जाती। पालतू कुत्ते से परेशानी होने पर शिकायत दर्ज नहीं होती, इसी कारण अब पालतू कुत्तों का पंजीकरण अनिवार्य किया गया है।आपके पालतू कुत्ते से दूसरों को परेशानी होने पर अक्सर कुत्ते के मालिक द्वारा ‘यह कुत्ता हमारा नहीं है’ ऐसा रवैया अपनाया जाता है।

इसी कारण वर्धा जिले में पालतू कुत्तों और बिल्लियों का पंजीकरण करने की जिम्मेदारी ‘पीपल फॉर एनिमल्स’ भारतीय जीवजंतु कल्याण बोर्ड, भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त इस संस्था ने स्वीकार की है तथा इस संबंध में पूर्ण रिपोर्ट वर्धा जिला प्रशासन को सौंपी जाएगी।वर्धा जिला पशुपालन विभाग के उपायुक्त डॉ. बुकदरे, उप आयुक्त डॉ. संजय खोपड़े तथा पंचायत समिति वर्धा के गट विकास अधिकारी श्री शेळके के हाथों इस अभियान का उद्घाटन किया गया है।

कुछ कुत्ते मालिकों ने अपने पालतू कुत्तों का पंजीकरण भी कराया है।यदि आपके पालतू पशुओं यानी कुत्तों का पंजीकरण कराना हो तो जिला सभी पशु चिकित्सालय शिवाजी चौक वर्धा तथा पीपल फॉर एनिमल्स पिपरी मेघे वर्धा पर संपर्क करें अथवा 9172952016, 9422141262 पर व्हाट्सएप करें। अधिक जानकारी के लिए इस हेल्पलाइन पर संपर्क करें। ऐसी जानकारी पशुपालन विभाग द्वारा दी गई है।

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