Wardha वर्धा, 20 अक्टूबर 2026
क्षेत्र में बाघ की दहशत के बीच एक पशुपालक की दो गर्भवती गायों की बाघ के हमले में मौत होने की आशंका जताई जा रही है। घटना में पशुपालक को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है। वन विभाग की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर पंचनामा किया तथा नियमानुसार नुकसान भरपाई दिलाने की जानकारी दी है। वन्य जीव पशु प्रेमी जुगल किशोर वाजपेई ने वन विभाग से पशु पालक को तत्काल मदद की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ब्राम्हणवाड़ा निवासी श्री बजरंग दूधराज साठे के मवेशी रोजाना की तरह गांव से सटे जंगल में चरने के लिए जाते थे और शाम को घर लौट आते थे। लेकिन चार दिन पहले उनकी दो गायें घर नहीं लौटीं।
इसके बाद उन्होंने क्षेत्र के वन्यजीव प्रेमियों के साथ मिलकर गायों की तलाश शुरू की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला। आखिरकार दो दिन बाद वन विभाग को इसकी शिकायत दी गई।
शिकायत मिलने के बाद वन विभाग की टीम ने गायों की तलाश शुरू की। इस दौरान मुख्य मार्ग से सटे कुरू वृक्ष के समीप एक गाय का शव मिला, जबकि दूसरी गाय के अवशेष बरामद हुए। घटनास्थल की परिस्थितियों को देखते हुए बाघ के हमले में दोनों गायों की मौत होने की आशंका जताई जा रही है।
गाय मालिक के अनुसार, दोनों गायें सात से आठ माह की गर्भवती थीं और उनकी कीमत एक लाख रुपये से कम नहीं थी। ऐसे में दिवाली से पहले हुई इस घटना से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
क्षेत्र में बाघों की बढ़ती मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग ने ग्रामीणों और जंगल से सटे मार्गों पर आवागमन करने वाले राहगीरों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
जंगल के आसपास जाते समय सावधानी बरतने तथा वन्यजीवों की गतिविधियों की जानकारी मिलने पर तत्काल वन विभाग को सूचित करने की अपील की गई है।
