वैनगंगा–नलगंगा योजना में किसानों के अधिकारों की रक्षा हो

Wardha वर्धा, 11 अक्टूबर 2026
95 हजार करोड़ रुपये की वैनगंगा–नलगंगा नदी जोड़ परियोजना से विदर्भ में सिंचाई की समस्या दूर होने की उम्मीद है. हालांकि, परियोजना के क्रियान्वयन में किसानों के अधिकारों की रक्षा, पारदर्शी जल आवंटन और भूमि अधिग्रहण में न्याय को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, यह स्पष्ट रुख सांसद अमर काले ने व्यक्त किया.

सांसद अमर काले ने कहा कि परियोजना को मंजूरी मिलना केवल शुरुआत है. किसानों के खेतों तक पानी कब पहुंचेगा, प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा कब मिलेगा और इतनी बड़ी परियोजना के लिए निधि कैसे उपलब्ध कराई जाएगी, इसकी स्पष्ट जानकारी सरकार को सार्वजनिक करनी चाहिए.

काले ने मांग की कि जिन किसानों की जमीन, कुएं, फलोद्यान या अन्य संपत्तियां अधिग्रहित होंगी, उन्हें बाजार मूल्य के आधार पर उचित मुआवजा, समय पर नुकसान भरपाई और आवश्यक पुनर्वास दिया जाए. अधिग्रहण के बाद जमीन के छोटे और अनुपयोगी टुकड़े शेष रहने पर उन्हें भी उचित मुआवजा देकर अधिग्रहित किया जाए. भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पारदर्शी हो तथा किसानों को दस्तावेज, मापजोख और मुआवजे के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें.

उन्होंने परियोजना की लागत, निधि नियोजन, निविदा प्रक्रिया और कार्यों की प्रगति का विवरण सार्वजनिक करने की मांग की. साथ ही जल परिवहन के दौरान होने वाले संभावित नुकसान, नहरों की कार्यक्षमता और वास्तविक सिंचाई क्षेत्र की स्वतंत्र निगरानी होनी चाहिए.

वर्धा जिले को परियोजना से कितना लाभ मिलेगा, कितने गांवों और कितने क्षेत्र को सिंचाई सुविधा मिलेगी तथा कितने किसान भूमि अधिग्रहण से प्रभावित होंगे, इसका ठोस खाका घोषित करने की मांग भी उन्होंने की.

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