- सूखे का संभावित भय
- महाराष्ट्र में सरकार और प्रशासन अलर्ट
Wardhaवर्धा, 10 अक्टूबर 2026
जिले की 7 तहसीलों में ट्रिगर-1 के तहत सूखे की स्थिति घोषित होने के बाद प्रशासन ने पशुचारे की उपलब्धता बनाए रखने के लिए बड़ा कदम उठाया है. जिलाधिकारी एवं जिला दंडाधिकारी वान्मथी सी ने महाराष्ट्र के वर्धा जिले से दूसरे जिलों और महाराष्ट्र के बाहर पशुचारे की बिक्री तथा परिवहन पर प्रतिबंध लगा दिया है. यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत जारी किया गया है.
प्रशासन के अनुसार, जिले में उपलब्ध चारे की बड़े पैमाने पर बाहर बिक्री और परिवहन होने से स्थानीय स्तर पर कमी पैदा हो सकती है. इससे पशुधन के स्वास्थ्य और जीवन को खतरा होने के साथ कानून-व्यवस्था की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है.
आदेश के तहत हरा चारा, कड़बा, भूसा, कुट्टी, साइलेज और पशुओं के लिए इस्तेमाल होने वाले अन्य चारे तथा पशु आहार को जिले की सीमा से बाहर बड़े पैमाने पर ले जाने, बेचने या भेजने पर रोक रहेगी. जिले में उपलब्ध चारा पहले स्थानीय पशुधन की जरूरतों के लिए सुरक्षित रखना होगा.
अनुमति से परिवहन को छूट
सरकारी योजनाओं, सरकारी चारा डिपो, पशुसंवर्धन विभाग की अधिकृत व्यवस्था और आपातकालीन पशुधन बचाव व पुनर्वास के लिए होने वाले परिवहन को छूट दी गई है. जिला उपआयुक्त, पशुसंवर्धन एवं दुग्ध व्यवसाय की लिखित अनुमति से भी चारा बाहर ले जाया जा सकेगा. इसके लिए संबंधित अनुमति पत्र साथ रखना अनिवार्य होगा.
उल्लंघन करने पर कार्रवाई
पुलिस, राजस्व, कृषि और पशुसंवर्धन विभाग को चारा परिवहन करने वाले वाहनों की जांच के निर्देश दिए गए हैं. प्रतिबंधित परिवहन मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 51 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 सहित लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई हो सकती है.
जिले से बाहर चारा ले जाने के इच्छुक व्यक्ति या संस्था को कारण बताते हुए संबंधित विभाग से पूर्व अनुमति लेनी होगी. अनुमति देते समय जिले में चारे की उपलब्धता, पशुधन की संख्या और स्थानीय जरूरतों को प्राथमिकता दी जाएगी.
