- 5,151 कनेक्शनों की जांच
- 1,311 ग्राहकों पर कार्रवाई;
- 111 के खिलाफ पुलिस केस
Nagpur नागपुर, 8 अक्टूबर 2026
महावितरण के सुरक्षा एवं प्रवर्तन विभाग के उड़नदस्तों ने अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान विदर्भ में 5,151 बिजली कनेक्शनों की जांच कर 21.36 करोड़ रुपये की बिजली चोरी और अनियमितता उजागर की. विद्युत अधिनियम की धारा 135 के तहत 1,311 मामलों में 14.85 करोड़ रुपये की बिजली चोरी पकड़ी गई. वहीं धारा 126 और अन्य प्रकरणों में 481 मामलों में 6.50 करोड़ रुपये की अनियमितता सामने आई.
महावितरण ने निर्धारित राशि में से 15.83 करोड़ रुपये की वसूली की. राशि जमा नहीं करने वाले 111 ग्राहकों के खिलाफ विभिन्न पुलिस थानों में मामले दर्ज किए गए.
मंडलवार कार्रवाई में अकोला में सबसे अधिक 327.30 लाख रुपये का निर्धारण हुआ, जिसमें 183.48 लाख की वसूली की गई. वाशिम में 243.36 लाख में से 197.19 लाख और नागपुर शहर में 213.80 लाख में से 185.55 लाख रुपये वसूल किए गए. अमरावती में 185.56 लाख में से 169.63 लाख, बुलढाणा में 118.31 लाख में से 96.01 लाख, भंडारा में 156.60 लाख में से 132.28 लाख और चंद्रपुर में 145.39 लाख में से 96.54 लाख रुपये की वसूली हुई.
वर्धा में 96.82 लाख का निर्धारण** किया गया, जिसमें 43.89 लाख रुपये वसूल हुए. यवतमाल में 112.37 लाख में से 92.52 लाख, गोंदिया में 100.40 लाख में से 74.34 लाख और गडचिरोली में 76.12 लाख में से 66.90 लाख रुपये वसूल किए गए.
महावितरण ने विदर्भ में मंडल स्तर पर 12 और विभागीय स्तर पर 3 विशेष उड़नदस्ते तैनात किए हैं. ये दल मीटर छेड़छाड़, CT/PT में फेरबदल, इलेक्ट्रॉनिक बायपास, Direct Tapping और अनधिकृत बिजली उपयोग पर नजर रखेंगे.
