बोर बाघ परियोजना देख खुश हुए विदेशी मेहमान

  • WWF प्रतिनिधियों ने राहटी सफारी गेट का किया दौरा
  • विदर्भ में सर्वाधिक बाघों, तेंदुओं की संख्या
  • विदेशी मेहमानों ने कहा Oh its really wild life

Wardha वर्धा, 21 सितम्बर 2026
विदर्भ में बाघों की बढ़ती संख्या और समृद्ध जैव विविधता अब विदेशी पर्यटकों एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का ध्यान आकर्षित कर रही है। बोर व्याघ्र प्रकल्प के अंतर्गत हाल ही में शुरू हुए राहटी सफारी गेट का विश्व प्रकृति निधि (World Wide Fund for Nature – WWF) के प्रतिनिधियों ने दौरा किया।

ब्रिटेन की क्रिस्टिन शेनुक और फ्रांस की व्हायोलेट कैथरीन निकोल सहित विदेशी पर्यटकों ने सफारी का आनंद लिया। उन्होंने बोर के वन क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता, वन्यजीव संरक्षण और सफारी प्रबंधन व्यवस्था का जायजा लिया तथा बाघ, तेंदुए सहित दुर्लभ वन्यजीवों के संरक्षण के प्रयासों की सराहना की।

करुणाश्रम संस्था के आशीष गोस्वामी ने प्रतिनिधियों को बोर का जंगल दिखाया। यहां की जैव विविधता देखकर विदेशी मेहमान प्रभावित हुए। जानवर, पक्षी, जलचर, तितलियां, वनस्पतियां और अन्य प्राकृतिक विविधता देखकर उन्होंने कहा, “ओह, इट्स रियली वाइल्डलाइफ” यानी यह वास्तव में असली जंगल है। उन्होंने बोर के इस समृद्ध वन वैभव को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने की आवश्यकता भी व्यक्त की।

WWF प्रकृति, वन्यजीव और जैव विविधता संरक्षण के लिए कार्यरत अंतरराष्ट्रीय गैर-लाभकारी संस्था है, जिसकी स्थापना 1961 में हुई थी।

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