- तहसीलदार ने स्वीकारा ज्ञापन
- सीएम तक मांग पहुंचाने का आश्वास
- प्रवीण उपासे को देखने उमड़ी भीड़
वर्धा : किसानों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर हिंगणघाट में सोमवार को अनोखा आंदोलन देखने को मिला।
प्रभाताई विचार मंच की ओर से आयोजित आंदोलन में कार्याध्यक्ष प्रवीण उपासे ने उपविभागीय अधिकारी कार्यालय के सामने गड्ढा खोदकर खुद को उसमें दफन कर लिया। इस अनोखे आंदोलन को देखने के लिए मौके पर सैकड़ों नागरिकों की भीड़ जमा हो गई।
प्रवीण उपासे के गड्ढे में बैठने के बाद प्रशासन में हलचल मच गई।
करीब साढ़े तीन घंटे बाद तहसीलदार एम.एस. भलावी आंदोलन स्थल पर पहुंचे। उन्होंने आंदोलनकारी प्रवीण उपासे के हाथों किसानों की मांगों का ज्ञापन स्वीकार किया।
साथ ही किसानों की भावनाएं वरिष्ठ अधिकारियों और मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। प्रशासन के आश्वासन के बाद प्रवीण उपासे गड्ढे से बाहर आए। आंदोलनकारी प्रवीण उपासे ने किसानों की प्रमुख मांगों में कपास को 15 हजार रुपये और सोयाबीन को 10 हजार रुपये प्रति क्विंटल भाव देने की मांग की है। इसके अलावा कर्जमाफी की राशि किसानों के बैंक खातों में जमा कर आगामी खरीफ सीजन के लिए बैंकों के माध्यम से नया कर्ज उपलब्ध कराने तथा वर्ष 2025-26 का फसल बीमा 17,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से तत्काल देने की मांग की गई है। उपासे ने कहा कि किसान पिछले कई महीनों से विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे हैं।
किसानों की इन समस्याओं की ओर प्रशासन और सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए यह आंदोलन किया गया।
15 दिन में निर्णय नहीं तो रास्ता रोको
प्रवीण उपासे ने चेतावनी दी कि किसानों की उक्त मांगों पर 15 दिनों के भीतर निर्णय नहीं लिया गया तो देवली में रास्ता रोको आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान आंदोलन को समर्थन देने के लिए प्रभाताई विचार मंच के जिलाध्यक्ष रामेश्वर वाघ, डॉ. रामकृष्ण खुजे, गुणवंत कोठेकर, उदयजी डफले, डॉ. पवन गोसेवाडे, अभय वानखेडे, अनिल हाते, प्रवीण पनप, सुरेश अराडे, गजानन बोरेकर, रवींद्र लांबट, प्रमोद हिवरे, अशोक भोसले, अमोल खडसे, पंकज राऊत, वामन बावणे, पुरुषोत्तम भगत, राजपाल फुलझेले, अमोल कुकडे, नानाजी मानकर, दिनकर वैद्य, राजू घुबडे, वैभव ठाकरे, अमित मांडवकर, प्रकाश निखाडे, अनंता जोगवे, अरविंद चौधरी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे.
