Wardha वर्धा, 20 सितम्बर 2026
वर्धा जिले में 1975 में शराब बंदी घोषित की गई थी । इसके बाद भी चोरी छिपे शराब बिक्री शुरू है। अब पुलिस अधीक्षक साैरभ कुमार अग्रवाल ने शराब बंदी पर सख्ती से अमल शुरू किया है। एसपी अग्रवाल के शराब उन्मूलन अभियान में बीते 24 घंटे में 18 से 19 सितंबर के दौरान विशेष ‘वॉशआउट’ अभियान चलाया।
इस अभियान के तहत शराब बिक्री के 32 तथा गांवठी शराब बिक्री के 126 मामले दर्ज किए गए। 168 मामलों में 171 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। पुलिस ने करीब 1 करोड़ 13 लाख 23 हजार 54 रुपये का शराब और संबंधित मुद्देमाल जब्त कर नष्ट किया।
पुलिस अधीक्षक सौरभ कुमार अग्रवाल ने पूरे मामले की समीक्षा कर अभियान की रूपरेखा तैयार की थी। पुलिस को जानकारी मिली थी कि अवैध शराब बनाने वाले बड़े पैमाने पर शराब तैयार कर उसका भंडारण कर रहे हैं। इसके बाद शहर से सटे क्षेत्रों, गांवों के बाहर, जंगल और शिवार क्षेत्र तथा दुर्गम स्थानों पर स्थित अवैध शराब भट्टियों पर गोपनीय निगरानी रखी गई। बाहरी जिलों से चोरी-छिपे लाई जाने वाली देशी-विदेशी शराब की बिक्री करने वालों और उनके ठिकानों पर भी नजर रखी गई।
पुलिस अधीक्षक सौरभ कुमार अग्रवाल के नेतृत्व तथा अपर पुलिस अधीक्षक सदाशिव वाघमारे के मार्गदर्शन में 48 अधिकारियों और स्थानीय अपराध शाखा सहित कुल 332 पुलिसकर्मी अभियान में शामिल हुए। .18 सितंबर की सुबह 6 बजे से अवैध शराब भट्टियों और शराब बिक्री के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की गई।
पुलिस अधीक्षक सौरभ कुमार अग्रवाल ने कहा कि वर्धा जिले में अवैध शराब का कारोबार किसी भी स्थिति में चलने नहीं दिया जाएगा। जिले में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा अवैध शराब विक्रेताओं से किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न हो, इसके लिए इस तरह की अचानक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
