- पूर्व विदर्भ के परीक्षार्थियों ने रखे सुझाव
- उच्चस्तरीय समिति ने जानी समस्याएं
- नागपुर में सुनी गई समस्याएं और समाधान
Nagpur नागपुर, 16 सितंबर
महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (एमपीएससी) की भर्ती परीक्षा पद्धति में सुधार और प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित एवं उम्मीदवार केंद्रित बनाने के उद्देश्य से बुधवार को पूर्व विदर्भ के परीक्षार्थियों के साथ सीधा संवाद किया गया. सदर स्थित जिला नियोजन भवन में उच्चस्तरीय समिति की अध्यक्ष तथा अपर मुख्य सचिव (सेवा) वी. राधा और समिति के सदस्यों ने विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों, कोचिंग संचालकों तथा अन्य हितधारकों से उनकी समस्याएं और सुझाव जाने.
विद्यार्थियों ने परीक्षा समय-सारणी, परीक्षा केंद्रों की उपलब्धता, पाठ्यक्रम में बदलाव, प्रश्नपत्र की गुणवत्ता, परीक्षा में पारदर्शिता, परिणाम घोषित करने में लगने वाला समय तथा भर्ती प्रक्रिया के विभिन्न चरणों से जुड़े मुद्दे उठाए. ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों के विद्यार्थियों की समस्याओं, डिजिटल तकनीक के उपयोग और उम्मीदवारों को समय पर जानकारी उपलब्ध कराने पर भी चर्चा हुई.
इस समय राज्य के पुलिस महासंचालक तथा समिति के सदस्य सदानंद दाते, समिति के सदस्य सचिव तथा पशुसंवर्धन, दुग्ध व्यवसाय विकास एवं मत्स्य व्यवसाय विभाग के सचिव डॉ. एन. रामास्वामी, आईआईटी मुंबई के प्रो. श्यामप्रसाद करगड्डे, नागपुर विभागीय आयुक्त विजयलक्ष्मी बिदरी, जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद आदि प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित रहे. वहीं इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता विभाग के सचिव वीरेंद्र सिंह तथा संघ लोकसेवा आयोग के पूर्व सदस्य एयर मार्शल अजित भोसले दूरदृश्य प्रणाली के माध्यम से शामिल हुए.
