आखिर 8 वे दिन होगा अंतिम संस्कार

  • सांसद अमर काले  के प्रयास रंग लाए
  • काले ने कहा ग्रामीणों, संगठनों का आभार माना
  • विश्राम गृह मैं धनादेश का वितरण


Wardha वर्धा : 15 सितंबर 2026। वर्धा जिले के रायपुर जंगली में छह दिन पहले बाघ के हमले में मृत भगवानजी दुर्वे के परिवार और ग्रामीणों के आंदोलन को आज विराम लगा. राकांपा नेता एवं विधायक रोहित पवार आज जिलाधिकारी कार्यालय के सामने चल रहे आंदोलन में शामिल हुए. उन्होंने दुर्वे परिवार की मांगों को जायज ठहराते हुए जिला प्रशासन, जिले के पालकमंत्री और मुख्यमंत्री को असंवेदनशील बताया.


सभा को संबोधित करते हुए विधायक रोहित पवार ने कहा कि यह लड़ाई केवल एक परिवार या किसान की नहीं, बल्कि आम जनता के स्वाभिमान और किसानों के अस्तित्व का संघर्ष है. सरकार को सत्ता और पैसों की प्राथमिकता छोड़कर पीड़ित परिवारों तथा किसानों की समस्याओं पर तत्काल निर्णय लेना चाहिए. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर द्वारा पीड़ित परिवार से संवाद नहीं साधना अहंकारी सरकार के लक्षण हैं.

यदि सरकार पीड़ित परिवार की सहमति के बिना कोई कदम उठाती है, तो वर्धा जिले में कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी पालकमंत्री, जिलाधिकारी और एसपी की होगी. इन कड़े शब्दों में राकांपा शरद पवार गुट के विधायक रोहित पवार ने सरकार पर निशाना साधा.


रोहित पवार वर्धा में बाघ के हमले में मृत किसान भगवानजी दुर्वे के परिवार की विभिन्न मांगों को लेकर जारी आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे थे. धरना स्थल पर आयोजित सभा में राकांपा सांसद अमर काले, पूर्व राज्यमंत्री रणजीत कांबले, सलील देशमुख, राकांपा जिलाध्यक्ष अतुल वांदिले, सुनील भुसारा सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे.
सभा में सांसद अमर काले ने दुर्वे परिवार की मांगों को लेकर चल रहे आंदोलन के दौरान प्रशासन को दमन से बचने और परिवार को विश्वास में लेकर ही कोई कदम उठाने की चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि पिछले 5-6 दिनों से अधिकारी एक करोड़ रुपये का प्रस्ताव सरकार को भेजने का आश्वासन दे रहे हैं, लेकिन अब केवल आश्वासनों का लॉलीपॉप नहीं, बल्कि ठोस निर्णय चाहिए. उन्होंने स्पष्ट किया कि आंदोलनकारी चर्चा के लिए तैयार हैं, लेकिन प्रशासन को भी संवाद के लिए आगे आना होगा.


सांसद अमर काले ने सेलू ग्रामीण अस्पताल में 60-70 पुलिसकर्मियों की तैनाती पर नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन को दबाने का प्रयास नहीं किया जाना चाहिए. जिले की स्थिति को समझिए और उसे बिगाड़िए मत. हमने यहां शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन किया है. आंदोलन स्थल पर भजन हो रहे हैं. पालकमंत्री का नाम लिए बिना सांसद काले ने कहा कि बाहर से आए मंत्रियों को पुष्पराज का गाना दिखाने के लिए उनके पास समय है, लेकिन आंदोलनकारियों से बात करने के लिए समय नहीं है.
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आखिर सात दिनों बाद संघर्ष को मिली जीत
जिलाधिकारी वान्मथी सी. से चर्चा की. इस दौरान राकांपा जिलाध्यक्ष अतुल वांदिले, कांग्रेस नेता अभ्युदय मेघे, शेखर शेंडे और निहाल पांडे उपस्थित थे. प्रतिनिधिमंडल और जिला प्रशासन के बीच हुए समझौते की जानकारी सांसद अमर काले ने पत्र परिषद में दी. उन्होंने बताया कि सात दिनों के संघर्ष के बाद आखिरकार आज प्रशासन से चर्चा हुई. इसमें दुर्वे परिवार को 25 लाख रुपये की तत्काल सहायता देने,

पीड़ित परिवार के एक बेटे को वनरक्षक के रूप में नियमानुसार नौकरी देने, मृतक भगवानजी दुर्वे के नाती की शिक्षा का खर्च वन विभाग द्वारा उठाने और परिवार को घरकुल उपलब्ध कराने पर सहमति बनी है. इसके साथ ही गांव के पुनर्वास की प्रक्रिया तेज करने तथा आदिवासी प्रकल्प कार्यालय और वन विभाग की ओर से अतिरिक्त सहायता निधि दिलाने के लिए शासन स्तर पर प्रयास किए जाएंगे. सांसद अमर काले ने बताया कि मृतक भगवानजी दुर्वे के परिजनों की सहमति से अब 16 सितंबर को रायपुर जंगली गांव में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया की जाएगी.

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