wardha वर्धा, 12 सितंबर 2026
गवलाऊ शासकीय पशु प्रजनन प्रक्षेत्र, हेटीकुंडी और गवलाऊ जैविक निविष्ठा महिला स्वयं सहायता समूह, हेटीकुंडी के संयुक्त उपक्रम के तहत गवळाऊ गाय के गोमय से पर्यावरणपूरक ईको फ्रेंडली गणपति प्रतिमाएं तैयार की गई हैं. इन प्रतिमाओं की बिक्री का शुभारंभ मुख्य कार्यकारी अधिकारी पराग सोमण और जिला ग्रामीण विकास यंत्रणा की परियोजना निदेशक वैशाली रसाल के हाथों किया गया.
पशुसंवर्धन आयुक्त डॉ. किरण पाटील, मुख्य कार्यकारी अधिकारी पराग सोमण, परियोजना निदेशक वैशाली रसाल, महाराष्ट्र पशुधन विकास मंडल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. शीतलकुमार मुकणे तथा शासकीय पशु प्रजनन प्रक्षेत्र की प्रबंधक डॉ. पूजा काले के मार्गदर्शन में यह उपक्रम चलाया गया. इन प्रतिमाओं की पहली खरीद पराग सोमण ने स्वयं की.
इस अवसर पर शासकीय पशु प्रजनन प्रक्षेत्र के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. बी.वी. वंजारी, जिला प्रबंधक विपणन मनीष कावडे, आजीविका प्रबंधक प्रतीक मुनेश्वर, कारंजा तालुका अभियान प्रबंधक हेमंत काकडे तथा महिला स्वयं सहायता समूह की मंगला कौरती, माला डोंगरे, ममता आसोले, शिल्पा पाटील, सुरेखा इवनाते आदि उपस्थित थे.
गोमय से प्रतिमा बनाने के लिए संबंधित स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने गोविज्ञान अनुसंधान केंद्र, देवलापार, जिला नागपुर में पांच दिवसीय प्रशिक्षण लिया. इसके अनुसार गणपति प्रतिमाएं तैयार की गई हैं. इन्हें वर्धा के वर्धिनी बिक्री केंद्र तथा कारंजा पंचायत समिति में बिक्री के लिए उपलब्ध कराया गया है.
इन गणपति प्रतिमाओं की विशेषता यह है कि इन्हें पवित्र गोमय से बनाया गया है. ये 100 प्रतिशत जैव अपघटनीय और पर्यावरणपूरक हैं तथा समृद्धि का प्रतीक मानी जाती हैं. इनमें प्राकृतिक रंगों का उपयोग किया गया है. प्रतिमा विसर्जन के बाद इसका उपयोग पौधों के लिए जैविक खाद के रूप में आसानी से किया जा सकता है. साथ ही यह गवळाऊ गायों के संरक्षण की दिशा में भी एक पर्यावरणपूरक पहल है.
8 इंच की गणपति प्रतिमा की कीमत 800 रुपये तथा 12 इंच की प्रतिमा की कीमत 1,200 रुपये निर्धारित की गई है. पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से नागरिक इन पर्यावरणपूरक गणपति प्रतिमाओं की स्थापना करें, ऐसा आवाहन जिला परिषद प्रशासन की ओर से किया गया है.
