wardha वर्धा 21 मई
विश्व मधुमक्खी दिवस के अवसर पर बुधवार, 20 मई को आयोजित “मधुमित्र एवं मधुसखी पुरस्कार” समारोह में शामिल होने जा रही वर्धा जिले के मधुपालकों की टीम उस समय मुश्किल में फंस गई, जब उनकी बस का डीजल मंगलवार, 19 मई की रात बीच रास्ते में खत्म हो गया। घंटों तक कोई मदद नहीं मिलने से यात्रियों में चिंता का माहौल बन गया। आखिरकार सांसद अमर काले को इसकी जानकारी मिलने पर उन्होंने देर रात बुलढाणा जिला प्रशासन को सक्रिय किया और तुरंत मदद पहुंचाई।
महाराष्ट्र राज्य खादी ग्रामोद्योग मंडल, मुंबई तथा मधुसंचालनालय महाबलेश्वर द्वारा आयोजित राज्यस्तरीय “मधुमित्र एवं मधुसखी पुरस्कार” समारोह में कारंजा तहसील के सिंदी विहीरी गांव के 25 शहद उत्पादकों की टीम छत्रपति संभाजीनगर जा रही थी। इसी दौरान बुलढाणा जिले के देऊलगांव राजा के पास उनकी बस का डीजल खत्म हो गया।
स्थिति उस समय और गंभीर हो गई, जब पता चला कि बुलढाणा जिले में डीजल की किल्लत के कारण अधिकांश पेट्रोल पंप बंद हैं। अनजान शहर में रात के समय बीच रास्ते में खड़ी बस और उसमें सवार यात्री सहमे हुए थे।
किसी तरह नागरिकों ने सिंदी विहीरी के उपसरपंच बंडू इवनाथे से संपर्क किया, जिन्होंने पूरी घटना की जानकारी सांसद अमर काले को दी। सूचना मिलते ही सांसद काले ने बुलढाणा जिला प्रशासन से संपर्क कर शहद उत्पादकों की बस के लिए तत्काल डीजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के बाद मधुपालकों की टीम ने राहत की सांस ली।
इस घटना पर सांसद अमर काले ने कहा कि सरकार भले ही पेट्रोल-डीजल की कोई किल्लत न होने का दावा कर रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। उन्होंने कहा कि यदि समय पर डीजल उपलब्ध नहीं कराया जाता, तो शहद उत्पादकों की टीम सरकारी सम्मान समारोह में शामिल ही नहीं हो पाती।
