wardha वर्धा, 14 मई
वर्धा जिले के मांडवा स्थित लैंको विद्युत परियोजना, जिसे कभी जिले के विकास और रोजगार का बड़ा सपना माना जा रहा था, आज पूरी तरह बंद पड़ी है। परियोजना के लिए मांडवा और आसपास के गांवों के किसानों की बड़ी मात्रा में उपजाऊ जमीन अधिग्रहित की गई थी। किसानों को उम्मीद थी कि इस परियोजना से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्र का विकास होगा। इसी उम्मीद में कई किसानों ने अपनी जमीन परियोजना को सौंप दी, जिनमें से अनेक किसान भूमिहीन भी हो गए।
परियोजना के शुरुआती दौर में निर्माण कार्य तेजी से शुरू हुआ था और मशीनरी भी स्थल पर पहुंचाई गई थी। स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलने लगा था, लेकिन कुछ समय बाद परियोजना की गति धीमी पड़ गई। धीरे-धीरे काम बंद होने लगा और मजदूरों सहित कर्मचारियों को भी हटाया जाने लगा। अंततः कंपनी ने परियोजना बंद करने का निर्णय ले लिया, जिससे किसानों और बेरोजगार युवाओं की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा।
अब लंबे समय से परियोजना बंद होने के कारण प्रभावित किसानों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। किसानों ने सांसद अमर काळे से मुलाकात कर अपनी जमीन वापस दिलाने की मांग की है ताकि वे दोबारा खेती कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर सकें।
किसानों की मांग को गंभीरता से लेते हुए सांसद अमर काळे ने जिला प्रशासन को पत्र लिखकर परियोजना की वर्तमान स्थिति की जानकारी मांगी। प्रशासन द्वारा परियोजना पूरी तरह बंद होने की पुष्टि के बाद उन्होंने मांग की कि अधिग्रहित जमीन किसानों को वापस दी जाए।
अब मांडवा और आसपास के परियोजना प्रभावित गांवों के लोगों की निगाहें प्रशासन के फैसले पर टिकी हुई हैं।
