wardha वर्धा, 13 मई
किसी भी वाहन चालक को चालान करते ही दोषी व्यक्ति तुरंत ही जेब से मोबाइल निकालकर सिफारिश के लिए फोन लगाने शुरू कर देते हैं, जबकि कई बार लोग चालान को नियमबाह्य बताकर विवाद पर उतारु हो जाते हैं.लेकिन अब ऐसी नाैबत नहीं आएगी, क्योंकि वर्धा ट्रैफिक पुलिस को बॉडीवॉर्न कैमरे मिल गए हैं।
वर्धा यातायात पुलिस अब हाईटेक हो गई है। सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण लगाने और यातायात नियमों का सख्ती से पालन करवाने के लिए पुलिस अधीक्षक सौरभ कुमार अग्रवाल ने जिले के ट्रैफिक पुलिस कर्मियों को बॉडीवॉर्न कैमरे उपलब्ध कराए हैं। इन कैमरों के शुरू होने के बाद अब चालान कार्रवाई के दौरान होने वाले विवाद, बहस और असामाजिक तत्वों की हरकतें सीधे कैमरे में कैद होंगी।
शहर में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने तेज रफ्तार वाहन चलाने वाले तथा शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अब यातायात पुलिसकर्मी अपनी वर्दी पर बॉडीवॉर्न कैमरे लगाकर ड्यूटी करेंगे, जिससे मौके पर होने वाली हर गतिविधि की फोटो, ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग हो सकेगी।
इन कैमरों के जरिए ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों की रिकॉर्डिंग की जाएगी, ताकि चालान कार्रवाई के दौरान पुख्ता सबूत उपलब्ध रहें। विशेष रूप से शराब पीकर वाहन चलाने वालों और कार्रवाई के दौरान विवाद करने वाले लोगों की गतिविधियां भी कैमरे में रिकॉर्ड होंगी। इससे पुलिस कर्मियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
पुलिस विभाग के अनुसार इन सरकारी कैमरों में रिकॉर्ड किए गए वीडियो, फोटो और ऑडियो को एडिट या डिलीट नहीं किया जा सकेगा। वरिष्ठ अधिकारी भी यह देख सकेंगे कि यातायात पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई नियमों के अनुसार और उचित प्रमाणों के साथ की गई है या नहीं। इससे वाहन चालकों को भी निष्पक्षता और न्याय मिलने में सहायता होगी।
वर्धा यातायात शाखा ने नागरिकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें, हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग करें, शराब पीकर वाहन न चलाएं तथा सुरक्षित यात्रा को प्राथमिकता दें।
अब वर्धा में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों की हर हरकत कैमरे की नजर से बच नहीं पाएगी।
