Wardha वर्धा, 22 फरवरी
जिले में अपराधियों द्वारा आधुनिक तकनीक के बढ़ते उपयोग तथा दारूबंदी कानून के अंतर्गत जब्त किए गए माल और तकनीकी साक्ष्यों की शीघ्र जांच की आवश्यकता को देखते हुए वर्धा में लघु न्यायवैज्ञानिक प्रयोगशाला, सुसज्ज आवासीय प्रशिक्षण केंद्र तथा मोबाइल प्रकरणों के लिए विशेष एक्सीलेंस सेंटर स्थापित करने के प्रस्ताव को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में अंतिम मंजूरी दे दी गई है। यह निर्णय पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर द्वारा किए गए सतत प्रयासों का परिणाम है।
राज्य के गृह (ग्रामीण) राज्यमंत्री एवं जिले के पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर ने इस संबंध में मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis के समक्ष विस्तृत प्रस्ताव रखा था। मुख्यमंत्री ने इस मांग पर सकारात्मक विचार करते हुए गृह विभाग को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए थे।
दारूबंदी मामलों में कम दोषसिद्धि दर
वर्धा जिले में 30 अप्रैल 1975 से दारूबंदी लागू है। हर वर्ष दारूबंदी के तहत सैकड़ों प्रकरण दर्ज होते हैं और पुलिस विभाग विशेष अभियान चलाता है। वर्ष 2014 से 2024 के बीच दारूबंदी के कुल 93,554 मामले दर्ज हुए। इनमें से 51,340 मामलों का निपटारा हुआ, लेकिन केवल 674 मामलों में दोष सिद्ध हुआ, जबकि 50,666 आरोपी बरी हो गए। पिछले दस वर्षों में दोषसिद्धि दर मात्र 1.31 प्रतिशत रही है।
पुलिस कार्रवाई के दौरान जब्त किए गए नमूनों की रासायनिक जांच रिपोर्ट अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, जिस पर दोषसिद्धि निर्भर करती है। वर्तमान में इन नमूनों की जांच के लिए नागपुर स्थित प्रादेशिक न्यायसहायक वैज्ञानिक प्रयोगशाला पर निर्भर रहना पड़ता है, जहां वर्धा के साथ नागपुर (शहर व ग्रामीण), भंडारा और गोंदिया जिलों के नमूने भी जांच के लिए भेजे जाते हैं। चार जिलों का भार होने से रिपोर्ट में विलंब होता है।
इसी कारण वर्धा में स्वतंत्र लघु न्यायवैज्ञानिक प्रयोगशाला की स्थापना की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, जिसे अब मंजूरी मिल गई है।
67 पदों को मिलेगी स्वीकृति
नई प्रयोगशाला में कुल 67 अधिकारी व कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी। इसमें एक उपसंचालक, दो सहायक संचालक, दो सहायक संचालक (संगणक अपराध, ध्वनि व ऑडियो विश्लेषण), छह सहायक रासायनिक विश्लेषक, आठ वैज्ञानिक अधिकारी, नौ वैज्ञानिक सहायक, दस वैज्ञानिक सहायक (संगणक अपराध व ऑडियो विश्लेषण), एक अधीक्षक, दो सहायक अधीक्षक, चार वरिष्ठ लिपिक, दो कनिष्ठ लिपिक, एक भंडार लिपिक, एक वाहन चालक, 12 प्रयोगशाला परिचर, तीन सफाई कर्मचारी, दो शिपाई और तीन पहरेदार शामिल होंगे।
अस्थायी रूप से पुलिस क्वार्टर में होगा संचालन
प्रयोगशाला और प्रशिक्षण केंद्र के लिए लगभग पांच एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी, जिसे जिला प्रशासन उपलब्ध कराएगा। स्थायी भवन बनने तक यह केंद्र आर्वी रोड स्थित पुलिस क्वार्टर परिसर के पुराने पुलिस कैंटीन हॉल में अस्थायी रूप से शुरू किया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए डॉ. पंकज भोयर ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे तथा अन्य मंत्रियों का आभार व्यक्त किया है।
तीन महत्वपूर्ण मुद्दों का समाधान
राज्य मंत्रिमंडल में शामिल होने के बाद डॉ. भोयर ने जिले के तीन महत्वपूर्ण मुद्दों को सुलझाया है। धाम और बोर सिंचन परियोजनाओं के नवीनीकरण को मंजूरी दिलाकर किसानों को राहत दी गई। साथ ही रामनगर लीज के नवीनीकरण और फ्रीहोल्ड करने के निर्णय से सैकड़ों नागरिकों को लाभ मिला है। अब वर्धा में लघु न्यायवैज्ञानिक प्रयोगशाला व प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना को मंजूरी मिलना जिले के लिए एक और बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
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वर्धा में प्रयोगशाला की मंजूरी
वर्धा जिले में अपराधियों के आधुनिक तकनीक उपयोग और दारूबंदी कानून के तहत जब्त माल की शीघ्र जांच हेतु लघु न्यायवैज्ञानिक प्रयोगशाला, सुसज्ज आवासीय प्रशिक्षण केंद्र तथा मोबाइल प्रकरणों के लिए एक्सीलेंस सेंटर स्थापित करने का प्रस्ताव राज्य मंत्रिमंडल ने मंजूर कर लिया। पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर के सतत प्रयास सफल हुए, जिन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के समक्ष प्रस्ताव रखा था।
दारूबंदी मामलों में …..
1975 से वर्धा में दारूबंदी लागू है। 2014-2024 में 93,554 मामले दर्ज हुए, जिनमें 51,340 का निपटारा हुआ, किंतु केवल 674 में दोषसिद्धि (1.31%) मिली। नागपुर प्रयोगशाला पर निर्भरता से रिपोर्ट में विलंब होता है, जिसके लिए स्वतंत्र सुविधा आवश्यक थी।
67 पदों की स्वीकृत
प्रयोगशाला में 67 पद भरें जाएंगे: 1 उपसंचालक, 2 सहायक संचालक, 6 रासायनिक विश्लेषक, 8 वैज्ञानिक अधिकारी, 19 वैज्ञानिक सहायक (संगणक/ऑडियो), प्रशासनिक कर्मी सहित। 5 एकड़ भूमि जिला प्रशासन देगा; अस्थायी संचालन आर्वी रोड पुलिस क्वार्टर कैंटीन हॉल में।[1]
पालकमंत्री की अन्य उपलब्धियां
डॉ. भोयर ने धाम-बोर सिंचन परियोजनाओं का नवीनीकरण, रामनगर लीज फ्रीहोल्ड कराया। यह तीसरी बड़ी सफलता है, जिसके लिए उन्होंने सीएम, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का आभार माना। जिले को न्यायिक मजबूती मिलेगी ।
