Wardha पुलगांव, 14 फरवरी
स्थानिक यशबोध ज्ञान प्रबोधिनी द्वारा संचालित सेंट जॉन हाई स्कूल पुलगांव में माता-पिता को आदर के तौर पर मातृ-पितृ पूजा धूमधाम से मनाई गई।
प्रोग्राम के मुख्य अतिथी मोटिवेशनल स्पीकर श्री. अनिलजी पंजवानी, श्री. रोहितजी राउत, स्कूल के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री. चंद्रशेखरजी इंगले सर, प्रिंसिपल श्री. संतोषजी यादव सर, वाइस प्रिंसिपल सौं. आरती कुरझड़कर मैडम, वाइस प्रिंसिपल श्री. महेंद्रजी भोयर सर थे।
इस धार्मिक प्रोग्राम में माता-पिता और स्टूडेंट्स इतनी बड़ी संख्या में शामिल हुए जैसे उनके सामने दिवाली जैसी तस्वीर दिख रही हो। प्रोग्राम की शुरुआत ज्ञान की देवी सरस्वती माता की तस्वीर की पूजा से हुई।
स्टूडेंट्स ने माता-पिता के सम्मान में गीत, संगीत और एक सुंदर रेप्लिका डांस पेश किया। इस प्रोग्राम का मकसद माता-पिता का आदर, सम्मान और उन्हें सलाम करना है। आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में हम अपने माता-पिता को नज़रअंदाज़ कर देते हैं, इसलिए यह प्रोग्राम उन्हें सम्मान देने के लिए है।
मोटिवेशनल स्पीकर ने पेरेंट्स और स्टूडेंट्स को अपने माता-पिता की पूजा करने का महत्व समझाया। सबसे पहले, स्टूडेंट्स ने अपने माता-पिता को भगवान मानकर पूजा की। स्टूडेंट्स ने मीठी बातें कहकर उनका आभार जताया।
मोटिवेशनल स्पीकर, जो चीफ गेस्ट थे, ने स्टूडेंट्स और पेरेंट्स को ओम ओम का जाप करके और मंत्रों का जाप करके संबोधित किया, और उन्हें बताया कि माता-पिता भगवान हैं। जैसे श्रवण अपने माता-पिता को अपने पास ले जाता है और उन्हें अकेला नहीं छोड़ता, वैसे ही उन्होंने स्टेज पर एक रेप्लिका तस्वीर के रूप में हर दिन उनका सम्मान किया।
उन्होंने पेरेंट्स को गले लगाया और उन्हें बताया कि माया क्या है। पेरेंट्स ने अपने बच्चों को अपने पास लिया और उन्हें रूहानी खुशी दी। पेरेंट्स और स्टूडेंट्स की आंखों में सचमुच खुशी के आंसू आ गए। पेरेंट्स ने सबके सामने अपनी भावनाएं जाहिर कीं। उन्होंने अपने बच्चों से कहा कि माता-पिता सबसे अच्छे भगवान हैं और इस प्रोग्राम का उनके दिलों से बहुत गहरा कनेक्शन है।
अनिलजी पंजवानी, रोहितजी राउत ने स्टूडेंट्स को अपने पेरेंट्स के साथ कम समय बिताने और धार्मिक काम भी करवाए जैसे कि पेरेंट्स का अपने बच्चों के प्रति क्या कर्तव्य है और बच्चों का अपने पेरेंट्स के प्रति क्या कर्तव्य है। स्कूल प्रेसिडेंट सौं. प्रीति बोरसे मैडम ने पेरेंट्स और स्टूडेंट्स को मातृ-पितृ पूजन की शुभकामनाएं दीं। प्रोग्राम को मा. आविष्कार उपाध्याय और कु. विधि पोकले ने कंडक्ट किया और समापन वंदे मातरम के साथ खत्म हुआ।
सभी टीचर्स और नॉन-टीचिंग स्टाफ ने प्रोग्राम को सफल बनाने में अपना पूरा योगदान दिया।
