- प्रभाग संघ में 23 लाख की धाेखाधड़ी
- बचत समूह और प्रभाग संघों जांच जरूरी
Wardha वर्धा, 14 अक्टूबर 2026
आर्वी तहसील के विरुल स्थित उड़ान प्रभाग संघ की तत्कालीन लेखापाल प्रणाली दाभाडे के कार्यकाल में 25 लाख 7 हजार 514 रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है. शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि चेक पर कथित फर्जी हस्ताक्षर और बैंक स्टेटमेंट में हेराफेरी कर राशि विभिन्न खातों में ट्रांसफर की गई. शिकायत में यह भी दावा है कि इस राशि से पुलगांव में प्लॉट खरीदा गया, विरुल में दो मंजिला मकान बनवाया और दो रेसर बाइक खरीदी गईं. मामले में प्रणाली दाभाडे के पति निकेश दाभाडे सहित पांच अन्य लोगों के नाम शिकायत में शामिल हैं.
ऑनलाइन रिकॉर्ड की जांच के दौरान सामने आई अनियमितता
शिकायत के अनुसार, प्रणाली दाभाडे वर्ष 2018 से जुलाई 2025 तक संघ में लेखापाल के पद पर कार्यरत थीं. संघ के अंतर्गत 25 ग्राम संघ हैं और 23 बचत समूहों से मासिक बचत निधि एकत्र की जाती है. बचत राशि, कर्ज वितरण और आर्थिक लेन-देन का रिकॉर्ड संभालने की जिम्मेदारी लेखापाल के पास थी.
शिकायतकर्ता के मुताबिक, 2 जुलाई 2025 को आर्थिक लेन-देन का ऑनलाइन रिकॉर्ड दर्ज करते समय 10 जुलाई 2024 से 10 जून 2025 की अवधि में 23 लाख 40 हजार रुपये की कथित अनियमितता का पता चला. इसके बाद भारतीय स्टेट बैंक की विरुल शाखा के खाते का विवरण जांचा गया. शिकायत में दावा किया गया है कि संघ के चेक पर कथित फर्जी हस्ताक्षर कर पांच लोगों के खातों में कुल 23 लाख 40 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए. बैंक स्टेटमेंट में बदलाव कर कथित रूप से फर्जी विवरण तैयार करने का आरोप भी लगाया गया है.
शिकायतकर्ता के अनुसार, मामले की जानकारी संघ के पदाधिकारियों और पंचायत समिति आर्वी के तालुका अभियान प्रबंधन कक्ष को दी गई. संघ की बैठक में प्रणाली दाभाडे द्वारा कथित वित्तीय अनियमितता के संबंध में लिखित जानकारी दिए जाने का भी दावा किया गया है. शिकायत के मुताबिक, राशि लौटाने के लिए सात दिन का समय दिए जाने के बाद 13 लाख 96 हजार 150 रुपये वापस किए गए. शेष राशि लौटाने के लिए एक महीने की मोहलत मांगी गई थी, लेकिन निर्धारित अवधि बीतने के बाद भी बाकी रकम नहीं मिलने की शिकायत की गई.
जांच में 25.07 लाख रुपये की अनियमितता का दावा
इसके बाद जिला अभियान प्रबंधन कक्ष में शिकायत दर्ज कराई गई. जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा महाराष्ट्र राज्य ग्रामीण आजीविका अभियान के जिला अभियान संचालक पराग सोमन ने मामले की जांच की. शिकायत के अनुसार, जांच में कुल 25 लाख 7 हजार 514 रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता सामने आई.
दस्तावेजों को लेकर धमकी देने की शिकायत
शिकायतकर्ता का कहना है कि राशि लौटाने की गारंटी के तौर पर प्लॉट और मकान के दस्तावेज संघ के पास रखे गए थे. अब प्रणाली दाभाडे के पति निकेश दाभाडे और जेठ देवीदास दाभाडे सहित परिजनों पर दस्तावेज वापस लेने के लिए दबाव बनाने तथा पुलिस में शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है. शिकायतकर्ता ने प्रणाली दाभाडे, निकेश दाभाडे, देवीदास दाभाडे, योगिता वसंत दाभाडे, अवधूत सोनटक्के और राम उमेश हाडके के खिलाफ जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है.
