Wardha वर्धा, 13 अक्टूबर 2026
संभावित जलसंकट को देखते हुए जिले में नए बोरवेल और कुओं की खुदाई तथा मौजूदा बोरवेल और कुओं को अधिक गहरा करने पर अगले आदेश तक अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया है. जिलाधिकारी व जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की अध्यक्ष वान्मथी सी ने 13 अक्टूबर को इस संबंध में आदेश जारी किया.
यह प्रतिबंध जिले के सभी शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में निजी व्यक्तियों, किसानों, निर्माण संस्थाओं, उद्योगों, ठेकेदारों, रिग मालिकों और मशीन संचालकों पर लागू रहेगा. आदेश जारी होने से पहले शुरू किए गए, लेकिन वैध अनुमति या सरकारी छूट के बिना चल रहे ऐसे कार्य भी तत्काल रोकने होंगे.
मौजूदा कुओं और बोरवेल के नियमित उपयोग पर रोक नहीं है. सार्वजनिक पेयजल आपूर्ति के लिए आवश्यक सरकारी कार्यों को नियमानुसार छूट दी गई है. हालांकि, इसके लिए सक्षम प्राधिकारी की पूर्व लिखित मंजूरी, तकनीकी अनुशंसा और आवश्यक भूजल संबंधी अनुमतियां लेना अनिवार्य होगा.
आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. भूजल की उपलब्धता और पेयजल की जरूरत की समीक्षा के बाद आदेश में बदलाव या छूट देने पर विचार किया जा सकता है. तब तक यह प्रतिबंध पूरे वर्धा जिले में लागू रहेगा.
