- पैसा खत्म तो लाैट आया अपने गावं
- शादी का झांसा देकर लेकर गया था
- कचरा गाड़ी पर था ड्राइवर
Wardha वर्धा, 6 अक्टूबर
खेत में काम करने के दौरान नाबालिग लड़की से पहचान हुई. इसके बाद शादी का झांसा देकर उसे भगाकर ले जाने वाला 29 वर्षीय आरोपी करीब एक माह तक अलग-अलग शहरों में घूमता रहा. अनैतिक मानव तस्करी प्रतिबंधक कक्ष और स्थानीय अपराध शाखा की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर यवतमाल जिले के किन्ही गांव से आरोपी और नाबालिग लड़की को खोज निकाला.
मामला 10 दिसंबर 2025 का है. हिंगोली जिले का परिवार हिंगणघाट तहसील के बेरणगांव में कपास चुनने के लिए आया थे. तबीयत खराब होने पर घर का मुखिया सेवाग्राम अस्पताल गए थे. इसी दौरान दोपहर करीब 2 बजे उनकी नाबालिग बेटी भोजन के लिए खेत में गई, लेकिन वापस नहीं लौटी. खेत में काम करने वाला वाल्मीक मोरेश्वर ढोबले भी गायब था.
काफी तलाश के बाद भी दोनों का पता नहीं चलने पर 17 दिसंबर को वडनेर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई गई. मामला अनैतिक मानव तस्करी प्रतिबंधक कक्ष को सौंपे जाने के बाद पुलिस ने तकनीकी और गुप्त जानकारी के आधार पर उनकी तलाश शुरू की.
पुलिस निरीक्षक विनोद चौधरी के मार्गदर्शन में गठित टीम को आरोपी और नाबालिग के किन्ही गांव में होने की सूचना मिली. टीम ने वहां दबिश देकर दोनों को एक ही स्थान से बरामद कर लिया.
पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि खेत में काम करने के दौरान उसकी नाबालिग से पहचान हुई थी. उसने शादी के लिए साथ भागने की बात कहकर 10 दिसंबर को उसे अपने साथ ले गया. इसके बाद दोनों रालेगांव, यवतमाल, शेगांव, शिर्डी, अक्कलकोट और पुणे गए. पैसे खत्म होने के बाद वे यवतमाल लौट आए. आरोपी पिछले करीब एक माह से किन्ही में ग्राम पंचायत की कचरा गाड़ी पर काम कर रहा था.
