एवीबीआरएच में न्यूरोफाइब्रोमा गांठ की सर्जरी

Wardha वर्धा, 5 अक्टूबर 2026
30 वर्षीय महिला की पीठ के निचले हिस्से में मौजूद करीब 30 × 40 सेंटीमीटर की बड़ी न्यूरोफाइब्रोमा गांठ का आचार्य विनोबा भावे ग्रामीण अस्पताल (एवीबीआरएच) में सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया गया। बचपन में छोटी गांठ के रूप में शुरू हुई यह गांठ पिछले कई वर्षों में धीरे-धीरे बढ़ती गई। आर्थिक समस्याओं और समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण गांठ का इलाज नहीं हो सका और मरीज काफी उन्नत अवस्था में अस्पताल पहुंची।

जांच के दौरान त्वचा पर कई छोटी गांठें और दोनों बगल में फ्रेकलिंग पाए गए, जो न्यूरोफाइब्रोमैटोसिस से जुड़े लक्षणों की ओर संकेत करते थे।जरूरी जांच और विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञों की सलाह के बाद डॉ. राजेश गट्टाणी और डॉ. अनूप झाडे के मार्गदर्शन मंय सर्जरी का निर्णय लिया गया। जनरल एनेस्थीसिया के तहत पीठ पर मौजूद बड़ी न्यूरोफाइब्रोमा गांठ की वाइड लोकल एक्सिजन की गई। गांठ को सावधानीपूर्वक अलग कर पूरी तरह निकाल लिया गया और हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच के लिए भेजा गया।

जांच में सेल्युलर न्यूरोफाइब्रोमा की पुष्टि हुई। सर्जरी के बाद मरीज को आवश्यक दवाएं, घाव की नियमित देखभाल और कोलेजन आधारित ड्रेसिंग दी गई। फॉलो-अप के दौरान घाव में कुछ जगह गेपिंग और टांकों के किनारों पर समस्या पाई गई, जिसके लिए नियमित घाव देखभाल और प्लास्टिक सर्जरी विशेषज्ञों की सलाह ली गई। उपचार के दौरान मरीज की स्थिति में लगातार सुधार हुआ और बाद में उसे नियमित फॉलो-अप की सलाह के साथ अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

इस मामले में सरकार द्वारा संचालित स्वास्थ्य योजनाओं और चिकित्सा शिविरों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। ऐसे शिविरों के माध्यम से ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर क्षेत्रों के मरीजों की पहचान कर उन्हें विशेषज्ञ उपचार के लिए बड़े अस्पतालों तक पहुंचाने में मदद मिलती है। पात्र मरीजों को मुफ्त या कम खर्च में उपचार के साथ इलाज के लिए आने-जाने और भोजन जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं। इससे आर्थिक बाधाओं के बावजूद जरूरतमंद मरीजों तक विशेषज्ञ चिकित्सा और सर्जिकल सेवाएं पहुंचाने में मदद मिलती है।

मरीज के सफल इलाज में डॉ. राजेश गट्टाणी और डॉ. अनूप झाडे के मार्गदर्शन में डॉ. अभिराम, डॉ. सौरभ, डॉ. जतिन, डॉ. नमीरा, डॉ. शिवम और डॉ. मणिदीप सहित एनेस्थीसिया टीम के डॉ. चकोले, डॉ. वर्मा और उनकी टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एआईएचईआर (डीयू) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. निलेश अग्रवाल, डायरेक्टर हॉस्पिटल्स डॉ. चंद्रशेखर महाकालकर और एवीबीआरएच के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अभय मुडे ने सर्जरी विभाग की पूरी टीम के समर्पित प्रयासों की सराहना की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!