- 3 हजार करोड़ की लागत से बनेगा फ्लोटिंग सोलर प्लांट
Wardha वर्धा, 1 अक्टूबर 2026
महाराष्ट्र के राजनीतिक परिदृश्य में अपनी अध्ययनशील, आक्रामक और सक्रिय कार्यशैली से अल्पावधि में अलग पहचान बनाने वाले आर्वी विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुमित वानखेडे ने एक बार फिर अपनी विकासात्मक दूरदृष्टि का परिचय दिया है. लोअर वर्धा बांध, धनोडी, तहसील आर्वी स्थित परियोजना पर 3,000 करोड़ रुपये के निवेश से 505 मेगावॉट क्षमता का महाराष्ट्र का पहला बड़ा फ्लोटिंग सोलर ऊर्जा प्रोजेक्ट स्थापित किया जाएगा.
महाराष्ट्र राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी लिमिटेड (महानिर्मिती) ने इस परियोजना को मंजूरी देते हुए आधिकारिक निविदा जारी कर दी है. इस परियोजना की घोषणा को जमीन पर उतारने की दिशा में हुई इस प्रगति से क्षेत्र में उत्साह का माहौल है.
लोअर वर्धा बांध का क्षेत्र आसपास के किसानों के लिए जीवनदायिनी माना जाता है. विधायक सुमित वानखेडे ने इससे पहले इसी बांध से किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए सूक्ष्म सिंचाई योजना को मंजूरी दिलाई थी. इसके बाद अब इसी बांध के जलक्षेत्र में 505 मेगावॉट क्षमता का फ्लोटिंग सोलर ऊर्जा प्रोजेक्ट तथा 1010 MWh क्षमता की बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम स्थापित की जाएगी.
इस परियोजना की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इससे हर वर्ष कोयले के उपयोग में करीब 8 लाख 49 हजार टन की कमी आने में मदद मिलेगी और बड़े पैमाने पर कार्बन उत्सर्जन कम होने की संभावना है. पर्यावरण संतुलन को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित यह परियोजना आर्वी विधानसभा क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को गति देने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध करा सकती है.
विधानसभा चुनाव के दौरान विधायक सुमित वानखेडे ने मतदारसंघ के सर्वांगीण विकास और ऊर्जा उत्पादन के लिए इस परियोजना का संकल्प व्यक्त किया था. इसके बाद सरकारी स्तर पर लगातार प्रयास किए गए. महानिर्मिती ने 30 सितंबर 2026 से निविदा बिक्री शुरू कर दी है. इससे परियोजना की निविदा प्रक्रिया आगे बढ़ गई है.
वर्ष 2024 में विधायक पद की जिम्मेदारी संभालने के बाद सुमित वानखेडे ने क्षेत्र के विकास से जुड़ी विभिन्न योजनाओं पर जोर दिया है. इनमें तलेगांव में 300 बिस्तरों वाले अत्याधुनिक अस्पताल, स्थानीय एमआईडीसी के विस्तार और अब लोअर वर्धा बांध पर प्रस्तावित 3,000 करोड़ रुपये के सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट का उल्लेख किया जा रहा है.
