वर्धा, 30 सितम्बर 2026
जिले की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर नागरिकों से लगातार मिल रही शिकायतों की तत्काल और निष्पक्ष जांच कर अस्पतालों का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया जाए, ऐसी मांग युवा परिवर्तन की आवाज सामाजिक संगठन के संस्थापक अध्यक्ष निहाल पांडे ने जिलाधिकारी को सौंपे ज्ञापन के माध्यम से की है।
कस्तूरबा अस्पताल, सेवाग्राम, जिला शासकीय अस्पताल, वर्धा तथा आचार्य विनोबा भावे ग्रामीण अस्पताल, सावंगी मेघे जिले के प्रमुख उपचार केंद्र हैं। संगठन के अनुसार, तहसील और सरकारी अस्पतालों से गंभीर मरीजों को बार-बार सेवाग्राम या सावंगी रेफर किए जाने की शिकायतें मिल रही हैं। वहीं, सेवाग्राम और सावंगी में ICU या बेड उपलब्ध नहीं होने पर मरीजों को आगे के उपचार के लिए नागपुर रेफर करने की स्थिति भी सामने आने का दावा किया गया है।
संगठन ने कहा कि गंभीर मरीज के उपचार में रेफरल तथा बेड खोजने में होने वाली देरी उपचार को प्रभावित कर सकती है। इसलिए पिछले छह महीनों में किए गए सभी रेफरल की स्वतंत्र जांच कर उनके वास्तविक कारण स्पष्ट किए जाएं। साथ ही ICU, ऑक्सीजन और सामान्य बेड की वर्तमान उपलब्धता सार्वजनिक करने की मांग की गई है।
अस्पतालों में ब्लड बैंक की सुविधा होने के बावजूद मरीजों के परिजनों को रक्त के लिए परेशानी होने और उपचार में देरी की शिकायतों की भी जांच की जाए। शिकायतें सही पाए जाने पर संबंधितों की जिम्मेदारी तय कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ऐसी मांग संगठन ने की है।
संगठन ने गंभीर मरीजों के लिए जिला स्तरीय तत्काल बेड-रेफरल व्यवस्था शुरू करने, सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था का प्रत्यक्ष निरीक्षण करने तथा अनियमितता या लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी अथवा प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
निहाल पांडे ने कहा कि कागजी आंकड़ों के बजाय यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि मरीजों को समय पर ICU, बेड, ऑक्सीजन और रक्त उपलब्ध हो। प्रशासन को कागजी जांच तक सीमित न रहकर अस्पतालों का प्रत्यक्ष निरीक्षण कर तत्काल उपाययोजना करनी चाहिए।
निवेदन देते समय संस्थापक अध्यक्ष निहाल पांडे, जिल्हाध्यक्ष विशाल ईचपाडे, दिनेश परचाके, अमन नारायणे, ऋषी इंगोले, मनोज कळमकर, प्रशांत पाटील, इर्शाद शाह आणि शेखर इंगोले उपस्थित थे.
