- सूखा सूची से बाहर रखी गई तहसीलों पर
Mumbai मुंबई, 30 सितंबर : 2026
राज्य में सूखे जैसी स्थिति को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार ने पार्टी के सांसदों के साथ बैठक कर किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं पर चर्चा की. बैठक में वर्धा लोकसभा क्षेत्र के सांसद अमर शरदराव काले भी उपस्थित थे.
पवार ने सरकार से मांग की कि प्रभावित लेकिन सूखा प्रभावित सूची से बाहर रखी गई तहसीलों की दोबारा समीक्षा कर उन्हें भी सूखा प्रभावित घोषित किया जाए. नुकसानग्रस्त किसानों को कम से कम प्रति हेक्टेयर एक लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाए तथा सूखा राहत की रियायतें तत्काल लागू की जाएं. साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल और पशुओं के लिए पानी व चारे की व्यवस्था करने की मांग की गई.
इस वर्ष बारिश में अनियमितता और लंबे अंतराल के कारण सोयाबीन, कपास, तूर, मूंग, उड़द, बाजरा और मक्का जैसी खरीफ फसलों को नुकसान होने की बात पवार ने सरकार के सामने रखी. कई क्षेत्रों में फसलों की वृद्धि प्रभावित हुई है और उत्पादन में कमी की आशंका है.
सांसद अमर काले ने वर्धा लोकसभा क्षेत्र में सूखे जैसी स्थिति से प्रभावित किसानों की समस्याओं की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित किया है. उन्होंने मांग की कि सूखा प्रभावित सूची से बाहर रखी गई तहसीलों की दोबारा समीक्षा कर उन्हें भी सूची में शामिल किया जाए. नुकसानग्रस्त किसानों को प्रति हेक्टेयर कम से कम 1 लाख रुपए की सहायता तथा सूखा राहत की रियायतें तत्काल लागू करने की मांग उन्होंने की.
काले ने कहा कि फसल नुकसान, पानी की उपलब्धता और पशुधन के लिए चारे की व्यवस्था को लेकर प्रशासन तत्काल उपाय करे. सहायता के लिए आवश्यक सरकारी प्रक्रिया में तेजी लाकर पात्र किसानों को समय पर लाभ दिया जाए.
उन्होंने कहा कि बारिश की कमी से प्रभावित लेकिन आधिकारिक सूची से बाहर क्षेत्रों का स्वतंत्र आकलन जरूरी है. सूखे का असर गांव-गांव अलग हो सकता है. इसलिए केवल प्रशासनिक सीमाओं के आधार पर किसानों को सहायता से वंचित नहीं किया जाना चाहिए. नुकसानग्रस्त क्षेत्रों का प्रत्यक्ष निरीक्षण कर तत्काल उपाययोजना करने की मांग उन्होंने की.
