Wardha वर्धा, 28 सितंबर, 2026
भारतीय जनता पार्टी, वर्धा जिला कार्यालय में पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर की पत्रकार परिषद आयोजित की गई. इस दौरान उन्होंने चुनाव आयोग, SIR प्रक्रिया और मतदाता सूचियों को लेकर कांग्रेस एवं राहुल गांधी द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर भाजपा की भूमिका स्पष्ट की. Guardian Minister Dr. Pankaj Bhoyar’s Press Conference
पत्रकार परिषद में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष रामदास तडस व पूर्व खासदार सुरेशभाऊ वाघमारे, नगर परिषद उपाध्यक्ष प्रदीपसिंग ठाकुर, भाजपा जिला मुख्यालय प्रभारी श्रीधर देशमुख, पूर्व जिलाध्यक्ष सुनील गफाट उपस्थित थे. डॉ. भोयर ने कहा कि तीनों चुनाव आयुक्तों की पत्रकार परिषद से राहुल गांधी और कांग्रेस की ओर से खड़े किए जा रहे कथित ‘फेक नैरेटिव’ का पर्दाफाश हो गया है.
चुनाव आयुक्तों ने स्पष्ट किया है कि SIR सहित सभी प्रक्रियाएं सर्वसम्मति से हुई हैं और आयोग में किसी प्रकार का मतभेद नहीं है. इसके बावजूद चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर संदेह पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है.उन्होंने कहा कि राहुल गांधी संविधान की पुस्तक हाथ में लेकर संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाते हैं. Guardian Minister Dr. Pankaj Bhoyar’s Press Conference इससे इन संस्थाओं के प्रति जनता में अविश्वास पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है.
कैबिनेट सेक्रेटरी को भेजा गया पत्र किसी नीतिगत विषय से संबंधित नहीं, बल्कि प्रतिनियुक्ति पर नियुक्ति से जुड़ा था. इसका गलत अर्थ निकालकर आयोग में मतभेद होने का भ्रम पैदा किया गया.फॉर्म क्रमांक 6 को लेकर भी भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा मान्य स्वरूप में ही इसका उपयोग किया जा रहा है. ईवीएम को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय अपनी भूमिका स्पष्ट कर चुका है और ईवीएम हैक करने की चुनाव आयोग की चुनौती को भी कोई साबित नहीं कर सका. Guardian Minister Dr. Pankaj Bhoyar’s Press Conference
डॉ. भोयर ने कहा कि वर्धा जिले में SIR प्रक्रिया जारी है. सभी राजनीतिक दलों को BLA-1 और BLA-2 नियुक्त करने का अवसर है. पत्रकार जिला चुनाव प्रशासन से विभिन्न दलों द्वारा नियुक्त किए गए प्रतिनिधियों की आधिकारिक जानकारी लें. इससे SIR प्रक्रिया में राजनीतिक दलों की भागीदारी स्पष्ट होगी.उन्होंने सभी दलों से मतदाता सूचियों के शुद्धीकरण में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि मतदाता सूचियों को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाने के लिए ऐसी व्यापक प्रक्रियाएं नियमित रूप से होना आवश्यक है.
