wardha वर्धा, 7 सितंबर
बिना वैध चिकित्सा डिग्री और पंजीयन के क्लिनिक चलाकर मरीजों का इलाज करने वाले बोगस डॉक्टर के खिलाफ तहसील स्तरीय समिति और तलेगांव पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। वर्धमनेरी में पिछले दो महीने से संचालित अनधिकृत क्लिनिक पर छापा मारकर रंजनकुमार नालिनी मंडल (52), निवासी पश्चिम बंगाल, हाल निवासी आष्टी, तहसील आर्वी को गिरफ्तार किया गया। न्यायालय ने आरोपी को तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
चिकित्सा शिक्षा एवं औषधि द्रव्य विभाग, महाराष्ट्र शासन के निर्देश पर गठित तालुकास्तरीय समिति और तलेगांव पुलिस की संयुक्त टीम ने 4 सितंबर को वर्धमनेरी में कार्रवाई की। मंडल ‘साईराम’ नाम से अनधिकृत क्लिनिक चला रहा था। तलाशी के दौरान क्लिनिक से एलोपैथी दवाओं का भंडार बरामद हुआ।जांच के दौरान मंडल के पास चिकित्सा शिक्षा की कोई वैध डिग्री अथवा महाराष्ट्र में चिकित्सा व्यवसाय करने के लिए आवश्यक पंजीयन प्रमाणपत्र नहीं मिला। क्लिनिक पर ‘साईराम’ नाम का बोर्ड लगा था और आरोपी ने अपने नाम के आगे ‘डॉक्टर’ भी लिख रखा था।
आरोप है कि बिना वैध डिग्री और पंजीयन के मंडल खुद को डॉक्टर बताकर मरीजों का इलाज करता था तथा एलोपैथी दवाएं रखता और मरीजों को बेचता था। तालुका स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. उषा कवरासे की शिकायत पर तलेगांव पुलिस ने अपराध क्रमांक 465/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 319 (2), 278 तथा महाराष्ट्र चिकित्सा व्यवसायी अधिनियम, 1961 की धारा 33 (1), (2) के तहत मामला दर्ज किया है।
मामले की जांच तलेगांव थानेदार मंगेश भोयर कर रहे हैं। कार्रवाई में गट विकास अधिकारी शिवशंकर इंगोले, डॉ. उषा कवरासे, डॉ. सौदामिनी हरडे, गोपाल चौधरी, संदीप वाघ और पुलिस हवलदार निखिल काले शामिल रहे।
