Wardha वर्धा: बिना वैध चिकित्सा डिग्री और पंजीयन के दवाखाना चलाकर मरीजों का इलाज करने वाले कथित बोगस डॉक्टर के खिलाफ तलेगांव पुलिस ने मामला दर्ज किया है। आर्वी तहसील स्तरीय बोगस डॉक्टर खोज समिति की कार्रवाई में रंजनकुमार नालिनी मंडल के चिकित्सा व्यवसाय का खुलासा हुआ। यह कार्रवाई 4 सितंबर को वर्धमनेरी में की गई।
तहसील स्वास्थ्य अधिकारी एवं समिति की सचिव डॉ. उषा कवरासे की शिकायत के अनुसार, 27 अगस्त को हुई समिति की बैठक में वर्धमनेरी में निजी चिकित्सा व्यवसाय करने वाले रंजनकुमार मंडल के दस्तावेजों की जांच करने का निर्णय लिया गया था। इसके बाद 4 सितंबर को गटविकास अधिकारी एवं समिति अध्यक्ष शिवशंकर इंगोले, चिकित्सा अधिकारी डॉ. सौदामिनी हरडे, विस्तार अधिकारी (स्वास्थ्य) गोपाल चौधरी और औषधि निर्माण अधिकारी संदीप वाघ दो पंचों के साथ वर्धमनेरी पहुंचे।
संतोष भुतड़ा के कॉम्प्लेक्स में ‘साईराम दवाखाना, डॉ. रंजन कुमार’ नाम से दवाखाना संचालित मिला। वहां विभिन्न बीमारियों के उपचार का बोर्ड लगा था। जांच के दौरान मंडल ने एक प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया, लेकिन समिति के अनुसार यह मान्य चिकित्सा डिग्री का प्रमाणपत्र नहीं था। उसके पास मेडिकल काउंसिल का आवश्यक पंजीयन प्रमाणपत्र भी नहीं मिला।
जांच में मरीजों की जांच और उपचार का कोई रजिस्टर भी नहीं मिला। दवाखाने से डायक्लोफेनाक इंजेक्शन, एविल, वोमिकाइंड, ओमिनिल, सिरिंज, लिग्नोहिल-2 जेल और यूपीआईल्स सिरप समेत विभिन्न दवाइयों का स्टॉक बरामद हुआ।
पुलिस ने अवैध रूप से चिकित्सा व्यवसाय करने के आरोप में रंजनकुमार मंडल के खिलाफ बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की आगे की जांच तलेगांव पुलिस कर रही है।
