wardha नागपुर, 13 फरवरी
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में महाराष्ट्र ने देश में दूसरा स्थान हासिल कर सौर ऊर्जा क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। विशेष रूप से नागपुर जिले ने राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त कर उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है। इस उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए ऑल इंडिया रिन्युएबल एनर्जी असोसिएशन (AIREA) द्वारा नागपुर में आयोजित ‘खासदार औद्योगिक महोत्सव’ में महावितरण के वरिष्ठ अधिकारियों सहित विभिन्न संस्थाओं को विशेष पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। यह भव्य समारोह केंद्रीय मंत्री नितीन गडकरी की संकल्पना से स्थापित असोसिएशन फॉर इंडस्ट्रियल डेव्हलपमेंट (AID) के माध्यम से आयोजित किया गया।
समारोह में राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इसके अलावा नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE), ग्रामीण विद्युतीकरण महामंडल (REC), महावितरण और जन समर्थ के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए महावितरण के अधिकारियों को ‘एआईआरईए रिन्युएबल एनर्जी ज्वेल्स’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
योजना के प्रभाव से देशभर में घरों की छतों पर सौर परियोजनाओं की स्थापना को बड़ी गति मिली है। सौर रूफटॉप के माध्यम से नागरिकों को स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा मिल रही है, जिसमें महाराष्ट्र अग्रणी बना हुआ है। नागपुर के साथ विदर्भ के अमरावती और बुलढाणा जिलों ने भी राज्य के शीर्ष 10 जिलों में स्थान बनाया है। एमएनआरई के अनुसार, देश में प्रतिदिन 6,500 से अधिक रूफटॉप सौर परियोजनाएँ स्थापित हो रही हैं।
महोत्सव के दौरान पंजीकृत विक्रेताओं के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर भी आयोजित किया गया, जिसका सीधा प्रसारण ‘सोलर इज माय पैशन’ यूट्यूब चैनल पर किया गया। अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि तकनीकी सुगमता, बढ़ती जागरूकता और प्रशासनिक तत्परता के बल पर महाराष्ट्र शीघ्र ही देश में प्रथम स्थान प्राप्त करेगा।
