Mumbai मुंबई, 2 जुलाई 2026
सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर ने सरकारी स्वास्थ्य तंत्र को अधिक जिम्मेदारी के साथ काम करने के स्पष्ट निर्देश दिए। नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और त्वरित स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना उद्देश्य होने के नाते उन्होंने कहा कि मरीजों को जानबूझकर निजी अस्पतालों की ओर भेजना, कमीशन प्रथा को बढ़ावा देना या सरकारी सुविधाओं की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ऐसी अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी, ईएमएस समन्वयक और कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मंत्रालय में हुई बैठक में आमदार नरेंद्र भोंडेकर, महेंद्रशेठ दळवी, सेवा आयुक्त संजय काटकर, स्वास्थ्य निदेशक डॉ. विजय कंदेवाद, उपसंचालक राजेंद्र भालेराव तथा राज्य के सभी जिला सर्जन और जिला स्वास्थ्य अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उपस्थित थे।
मंत्री ने कहा कि 108 और 102 एम्बुलेंस सेवाओं का उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों को तुरंत सरकारी अस्पतालों या महात्मा फुले जनआरोग्य योजना के तहत मान्यता प्राप्त अस्पतालों में पहुँचाना है; फिर भी कुछ स्थानों से मरीजों को निजी अस्पताल भेजे जाने की शिकायतें मिल रही हैं। इसलिए पिछले छह महीनों के रेफरल डेटा की जांच कर अनियमितता पाए जाने पर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
मंत्री ने कहा कि राज्य में संस्थागत प्रसवों की संख्या बढ़ाना सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए आशा कार्यकर्ता, स्वास्थ्य कर्मचारी व संबंधित अधिकारी समन्वय से काम करें। प्रत्येक सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में गुणवत्तापूर्ण दवाइयां, स्वच्छता और आवश्यक मानव संसाधन सुनिश्चित करने हेतु नियमित और प्रभावी निगरानी रखने के भी आदेश दिए गए। शासन द्वारा आवश्यक धन और सुविधाएँ उपलब्ध कराए जाने के बावजूद काम में सुस्ती या लापरवाही पाई गई तो संबंधितों को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
15 जून से चल रही ‘आरोग्य संवाद यात्रा’ के अंतर्गत उप-केंद्र, प्राथमिक आरोग्य केंद्र और ग्रामीण अस्पतालों की त्वरित निरीक्षण अभियान जारी है। प्रति तीन माह होने वाली जिला स्तरीय स्वास्थ्य समीक्षा बैठकों में आमदारों की मौजूदगी में सिविल सर्जन और जिला स्वास्थ्य अधिकारियों का स्वयं उपस्थित होना अनिवार्य रखा गया है। इन बैठकों की रिपोर्ट शासन को सौंपी जाएगी और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
