वर्धा

नायब तहसीलदारों की भर्ती का रास्ता साफ होगा

Admin Desk
०४ नोव्हें २०२६, १२:४८ सायं.
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राजस्व मंत्री बावनकुले ने बुलाई बैठक

विधायक जोरगेवार की मांग हुई बैठक

158 रिक्त पदों के सृजन और भर्ती का प्रस्ताव

Nagpur नागपुर, 4 नवंबर 2026

राज्य में नायब तहसीलदारों के पद रिक्त होने से विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचने में हो रही देरी का मुद्दा विधायक किशोर जोरगेवार ने उठाया. उनकी मांग पर राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले की अध्यक्षता में मंत्रालय में विशेष बैठक आयोजित की गई. बैठक में राज्य में 158 नायब तहसीलदारों के नए पद सृजित करने और उन्हें भरने की प्रक्रिया को गति देने के संबंध में चर्चा हुई.

बैठक में खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरि झिरवाल, विधायक किशोर जोरगेवार तथा राजस्व, वित्त और सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारी उपस्थित थे.

विशेष सहायता कार्यक्रम के तहत संजय गांधी निराधार अनुदान योजना, श्रावणबाल सेवा राज्य पेंशन योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना और राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना संचालित की जाती हैं. इन योजनाओं के माध्यम से निराधार, वृद्ध, विधवा और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को आर्थिक सहायता दी जाती है. हालांकि, प्रशासनिक स्तर पर पद रिक्त होने से योजनाओं के क्रियान्वयन और लाभार्थियों के प्रकरणों के निपटारे में देरी हो रही है.

विधायक जोरगेवार ने बैठक में नवगठित तहसीलों सहित राज्य के विभिन्न तहसील कार्यालयों में रिक्त पदों की पूर्ति के लिए 158 नए नायब तहसीलदार पद सृजित करने और उन्हें तत्काल भरने की मांग रखी.

इस पर राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने में देरी नहीं होनी चाहिए. योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए राजस्व सहित सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से काम करें. उन्होंने सामाजिक न्याय और वित्त विभाग को संबंधित प्रस्तावों एवं लंबित प्रकरणों का तत्काल निपटारा करने के निर्देश भी दिए.

राज्य में 158 नायब तहसीलदार पदों के सृजन और भर्ती के प्रस्ताव पर जल्द ही मंत्रिमंडल की बैठक में अंतिम चर्चा कर निर्णय लिए जाने की जानकारी दी गई. इस पहल से निराधारों, वृद्धों और महिलाओं को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने में होने वाली देरी कम होने की उम्मीद है.

संपादकीय टिप्पणी: मूल समाचार में भर्ती का अंतिम निर्णय होने की जानकारी नहीं है. इसलिए खबर में इसे प्रस्ताव और आगामी मंत्रिमंडलीय निर्णय के रूप में रखा गया है. "भर्ती का रास्ता साफ" के बजाय "भर्ती की उम्मीद" अधिक तथ्यपरक शीर्षक है.

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