वर्धा में क्यों जब्त की 2700 किलो अफ्रीकन थाई मांगुर मछलियां
Wardha वर्धा, 4 नवंबर 2026
आर्वी तहसील के मौजा निंबोली (शेंडे) में मत्स्य व्यवसाय विभाग ने दो दिवसीय विशेष अभियान चलाकर प्रतिबंधित अफ्रीकन थाई मांगुर मछली के अवैध पालन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की. इस दौरान खेत तालाबों से करीब 2,700 किलो जीवित मांगुर मछलियां जब्त कर वैज्ञानिक पद्धति से नष्ट की गईं.
मत्स्य व्यवसाय विभाग के प्रादेशिक उपायुक्त सुनील जांभुले के मार्गदर्शन में मत्स्य व्यवसाय, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की. अभियान में सहायक आयुक्त स्वप्नील वालदे, मत्स्य व्यवसाय विकास अधिकारी राहुल जाधव, आर्वी के पुलिस उपनिरीक्षक महेश राठोड़, हवलदार मंगेश वाघाडे, चेतन बोरकर, नेरी के तलाठी अमोल खंडारे, राजस्व सेवक अमोल शेंडे तथा निंबोली (शेंडे) की उपसरपंच सुरेखा कदम उपस्थित थीं.
अफ्रीकन थाई मांगुर मछली प्रदूषित पानी में पनपती है और घटिया खाद्य पदार्थों पर भी जीवित रहती है. इसके सेवन से नागरिकों के स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्परिणाम हो सकते हैं. मांसाहारी और आक्रामक प्रवृत्ति की इस मछली से स्थानीय मछली प्रजातियों और प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र को बड़ा खतरा है. इसके कारण स्थानीय मत्स्य पालकों को उचित बाजार और प्रतिस्पर्धा का अवसर मिलने में भी कठिनाई होती है.
पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होने के कारण थाई मांगुर के पालन और बिक्री पर प्रतिबंध है. सहायक आयुक्त स्वप्निल वालदे ने नागरिकों से इस मछली का पालन और बिक्री नहीं करने की अपील की है. साथ ही जिले में कहीं भी इसका अवैध पालन या बिक्री होने पर मत्स्य व्यवसाय विभाग को सूचित करने का आग्रह किया है.