वर्धा

बाप रे ! वर्धा में 43 करोड़ का कोई मालिक नहीं

विदर्भ अपडेट
०१ नोव्हें २०२५, ११:११ स.
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बातमीचा फोटो
  • वर्धा जिले की बैंकों में 43 करोड़ लावारिस
  • कौन है इन रुपयों का मालिक
  • किसे दिए जाएंगे ये रुपए
  • करे आवेदन मिलेगा क्लेम

Wardha वर्धा, 1 नवम्बर
ज़िले के विभिन्न बैंकों में जमा और दस वर्षों से दावा न किए गए राशि को वापस दिलाने के लिए भारत सरकार के वित्तीय सेवा विभाग और भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा एक विशेष अभियान शुरू किया गया है । इस अभियान के तहत शनिवार, १ नवंबर को पहले चरण में 101 लाभार्थियों को 90 लाख के दावा स्वीकृति पत्र वितरित किए गए. जिससे शीघ्र इन खाताधारकों के खाते में उक्त राशि जमा होगी.

इस अभियान के तहत बैंक ऑफ इंडिया द्वारा नियाज़ भवन में एक सभा का आयोजन किया गया । सभा में स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी नरेंद्र फुलझेले, बैंक ऑफ इंडिया के विदर्भ अंचल प्रबंधक कुश गन्होत्रा, इंडियन ओवरसीज बैंक के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक शरद मिश्रा, सहित विविध बैंको के प्रमुख उपस्थित थे।

जिले में 1 लाख 33 हजार 341 खातों में 43 करोड़ 13 लाख रुपये की राशि बिना दावे के पड़ी है।  इसके लिए संबंधित ग्राहकों या उनके उत्तराधिकारियों द्वारा आवश्यक दस्तावेजों के साथ दावा प्रस्तुत करने पर राशि वापस करने के लिए 31 दिसंबर तक बैंकों में यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

इस अवसर पर विभिन्न बैंकों, वित्तीय संस्थानों और एलआईसी के स्टॉल के माध्यम से ग्राहकों को निष्क्रिय खातों और तत्काल निवारण सुविधाओं की जानकारी प्रदान की गई।

साथ ही, गणमान्य व्यक्तियों द्वारा 101 पात्र लाभार्थियों को विभिन्न बैंकों से लगभग 90 लाख रुपये के दावा स्वीकृति प्रमाण पत्र वितरित करके इस अभियान का शुभारंभ किया गया।

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