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वर्धा की 3200 लाडली बहनों के घर फोरव्हीलर

विदर्भ अपडेट
१३ फेब्रु २०२५, ०४:१९ सायं.
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बातमीचा फोटो
  • प्रशासन ने शुरू कीया सर्वेक्षण
  • अनुदान हो सकता है बंद
  • 18 बहनों ने खुद ही बताया हमे नहीं चाहिए अनुदन
  • अनुदान हो सकता है बंद


Wardha वर्धा, 14 फरवरी महाराष्ट्र सरकार द्वारा चलाई जा रही लाडली बहन योजना में नए नियम लागू कर दिए गए हैं। अब वे महिलाएं इस योजना का लाभ नहीं ले सकेंगी, जिनके पास चार पहिया वाहन (फोरव्हीलर) है। इसी के चलते महिला एवं बाल कल्याण विभाग को जिलेभर की 3,200 कार मालिक महिलाओं की सूची प्राप्त हुई है, और इनके नामों की जांच जल्द शुरू होगी।

चुनाव के बाद बदले नियम, बढ़ी चिंता

महाराष्ट्र सरकार ने चुनाव से पहले आवेदन करने वाली सभी बहनों को योजना का लाभ देते हुए हर माह ₹1,500 खाते में जमा करना शुरू किया था। लेकिन अब चुनाव होते ही सरकार ने इस योजना में नए नियम और शर्तें लागू कर दी हैं, जिससे लाडली बहनों की धड़कनें तेज हो गई हैं।

किन्हें नहीं मिलेगा योजना का लाभ?

नए नियमों के अनुसार, अब वे महिलाएं पात्र नहीं होंगी, जिनके नाम पर कार (फोरव्हीलर) या ट्रैक्टर रजिस्टर्ड है। इसका मतलब है कि कार मालिक महिलाओं को अब लाडली बहन योजना के लाभ से वंचित रहना पड़ सकता है।

18 महिलाओं ने स्वयं नाम वापस लिया

नए नियमों के लागू होने के बाद, जिले की 18 महिलाओं ने योजना का लाभ नहीं लेने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग को पत्र सौंपा है। हालांकि, अभी भी 3,200 ऐसी लाडली बहनें हैं, जिनके नाम पर कार पंजीकृत है और वे इस योजना से बाहर हो सकती हैं।

परिवहन विभाग ने भेजी सूची

परिवहन विभाग ने जिले की उन महिलाओं की सूची तैयार कर महिला एवं बाल कल्याण विभाग को भेजी है, जिनके पास चार पहिया वाहन है। इसी के आधार पर जल्द ही सर्वेक्षण शुरू किया जाएगा।

योजना के नियम और पात्रता:

  1. महिला की आयु 21 से 65 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
  2. महाराष्ट्र की स्थायी निवासी महिलाओं को ही योजना का लाभ मिलेगा।
  3. पारिवारिक वार्षिक आय ₹2.5 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए।
  4. यदि परिवार में कोई इनकम टैक्स भरता है, तो महिला इस योजना के लिए पात्र नहीं होगी।
  5. अगर महिला के नाम पर कार (फोरव्हीलर) या ट्रैक्टर है, तो वह योजना का लाभ नहीं ले सकेगी।
  6. योजना में विवाहित, विधवा, तलाकशुदा, परित्यक्ता और निराश्रित महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।

क्या फरवरी माह की किश्त मिलेगी?

अब जब नए नियम लागू हो चुके हैं, तो फरवरी माह की किश्त कई महिलाओं को नहीं मिलेगी। जैसे ही सर्वेक्षण पूरा होगा, जो महिलाएं नए नियमों के तहत अयोग्य होंगी, उनके नाम योजना से हटा दिए जाएंगे।

चुनावी जीत में योजना की अहम भूमिका

गौरतलब है कि लाडली बहन योजना अगस्त 2024 में शुरू हुई थी। विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ गठबंधन महायुति की जीत में इस योजना की बड़ी भूमिका रही। लेकिन अब नियमों में बदलाव के कारण कई महिलाएं इस योजना से बाहर हो सकती हैं।


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